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तालिबान का खौफ: अफगानिस्तान में शास्त्रीय संगीत के भविष्य पर खतरा, संगीतकार दंपती ने जताई चिंता

Sat, 28 Aug 2021 06:19 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता Published by: देव कश्यप Updated Sat, 28 Aug 2021 06:19 AM IST
सार

  • शास्त्रीय संगीतकार दंपती ने अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे को लेकर संगीत के भविष्य पर चिंता जताई

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Taliban Rule classical music future in Afghanistan musician couple expressed concern
कोलकाता के अधिकारी दंपती अफगानिस्तान के छात्रों को शास्त्रीय संगीत सिखाते रहे हैं - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

तालिबान अफगानिस्तान में कट्टरपंथी इस्लामी शासन की स्थापना की तरफ बढ़ रहा है। तालिबान के मुताबिक इस्लाम में गीत-संगीत और हास्य-व्यंग्य हराम है। ऐसे में तालिबान के साये में अफगानिस्तान में शास्त्रीय संगीत के सुर बहेंगे इस बात की कल्पना भी नहीं की जा सकती। ऐसे में उनका भविष्य क्या होगा जो कभी शास्त्रीय संगीत को जीवन का ध्येय मान रहे थे और इसकी साधना में लगे थे।

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बीते दिनों मशहूर अफगान कॉमेडियन नजर मोहम्मद को तालिबानी आतंकीयों ने मौत के घाट उतार दिया। इन्हीं हालात को देखते हुए कभी अफगानिस्तान में सितार और सरोद सिखाने वाले भारतीय शास्त्रीय संगीतकार दंपती पं. अभिषेक अधिकारी व डॉ. मूर्छना अधिकारी बड़ठाकुर अपने छात्रों के जीवन को लेकर चिंतित हैं।
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अधिकारी दंपती ने बताया कि 2012 से 2019 अक्टूबर तक वे इंस्टीट्यूट ऑफ इंस्ट्रूमेंटल म्यूजिक व अफगानिस्तान नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ म्यूजिक से जुड़े थे। वे बताते हैं कि वहां बहुत प्यार और सम्मान मिला। छात्र उन्हें उस्ताद अभिषेक और उस्ताद मूर्छना कहते थे। 2019 के बाद कोविड के चलते उन्होंने काबुल में संगीत सीखने के इच्छुक छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कीं, लेकिन तालिबान के कब्जे के बाद से सब कुछ बंद हो गया है। हालांकि, फेसबुक के जरिये वे कुछ छात्रों के संपर्क में हैं।
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पं. अभिषेक कहते हैं, हमारे छात्र संगीत सुनने और अभ्यास से डरते हैं, क्योंकि तालिबान संगीत के खिलाफ है। कुछ छात्र एक जगह जमा होकर दरवाजे खिड़कियां बंदकर भारतीय शास्त्रीय संगीत सुनते हैं, ताकि कोई और न देश पाए। पं. अभिषेक ने बताया कि संगीत संस्थान के निदेशक ने उन्हें बताया कि संगीत के सभी शिक्षक और छात्र अफगानिस्तान से निकलना चाहते हैं, लेकिन तालिबान ने उनके देश छोड़ने पर पाबंदी लगा दी है। अधिकारी ने बताया कि संस्थान के 350 छात्र शास्त्रीय संगीत की शिक्षा ले रहे थे।

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