भारत-स्विट्जरलैंड 70 सालों से दोस्त, दौरे से मजबूत होंगे दोनों देशों के संबंध: स्विस राष्ट्रपति
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स्विट्जरलैंड की राष्ट्रपति डोरिस लिउथर्ड का आज दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में भव्य स्वागत हुआ। इससे पहले स्विस राष्ट्रपति लिउथर्ड बुधवार को तीन दिवसीय यात्रा के तहत भारत पहुंचीं। बता दें कि यह स्विट्जरलैंड के किसी राष्ट्रपति की चौथी भारत यात्रा होगी। स्विस राष्ट्रपतियों ने इससे पहले 1998, 2003 और 2007 में भारत की यात्रा की है।
President of the Swiss Confederation Doris Leuthard receives ceremonial reception at Rashtrapati Bhavan in Delhi. pic.twitter.com/ZyodaSMwcJ
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— ANI (@ANI) August 31, 2017
राष्ट्रपति भवन में स्वागत समारोह के दौरान स्विस राष्ट्रपति डोरिस लिउथर्ड ने कहा कि भारत और स्विट्जरलैंड 70 सालों से दोस्त हैं। इस दौरे से दोनों देशों के संबंधों को काफी मजबूती मिलेगी।
Visit will boost Indo-Swiss ties, we have a friendship since 70-years: Swiss President Doris Leuthard at Rashtrapati Bhavan. pic.twitter.com/WsGAWUwrRC
— ANI (@ANI) August 31, 2017
Hope cn gv pending negotiations on trade&partnership agreements new impetus.Will try to hv new investment protection agreement-Pres Leuthard pic.twitter.com/n4gSnyHmED
— ANI (@ANI) August 31, 2017
We are very pleased with Prime Minister Modi's reforms: Swiss President Doris Leuthard after ceremonial reception at Rashtrapati Bhavan. pic.twitter.com/bxzGD1YmDE
— ANI (@ANI) August 31, 2017
#WATCH President of the Swiss Confederation Doris Leuthard receives ceremonial reception. https://t.co/NQmKx4lU5m
— ANI (@ANI) August 31, 2017
द्विपक्षीय समझौतों को आगे बढ़ने के लिए बातचीत
इस दौरान दोनों पक्ष व्यापार और निवेश समझौतों के साथ विभिन्न द्विपक्षीय समझौतों पर आगे बढ़ने के लिए बातचीत करेंगे। विदेश मंत्रालय से जारी वक्तव्य में कहा गया है, “स्विट्जरलैंड की राष्ट्रपति के साथ वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और स्विट्जरलैंड की कई बड़ी कंपनियों के कारोबारियों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी आएगा।”
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत यात्रा के दौरान लिउथर्ड राष्ट्रपति रामनाथ कोविद से मुलाकात करने के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी बातचीत करेंगे। इस बातचीत के दौरान स्विस बैंक में भारतीयों द्वारा छिपाकर रखे गए काले धन के मुद्दे को भी भारत उठा सकता है।
स्विट्जरलैंड, भारत के साथ कारोबार करने वाला का सातवां सबसे बड़ा देश है। स्विट्जरलैंड के साथ भारत का 2016-17 में कारोबार 18.2 अरब डॉलर रहा। भारत अपने कुल वैश्विक कारोबार का 2.76 फीसदी द्विपक्षीय कारोबार के रूप में करता है, जिसमें वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी के चलते मिला-जुला रुख देखने को मिला है।
NSG में भारत की सदस्यता का समर्थन
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल जून में स्विट्जरलैंड की यात्रा की थी। इस दौरान स्विट्जरलैंड ने परमाणु आपूर्तकिर्ता समूह में भारत की सदस्यता का समर्थन किया था। मोदी ने तब कहा था कि दोनों देशों के लिए काले धन जैसी बुराई से लड़ना साझी प्राथमिकता है।