Bengal by-polls: सुवेंदु ने लगाया टीएमसी पर ईवीएम बदलने का आरोप, सत्तारूढ़ दल ने अधिकारी के दावे को ठुकराया
अधिकारी ने दावा किया है कि चार विधानसभा सीटों पर मतगणना से पहले इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) को बदल दिया गया था।
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बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता व भाजपा विधायक सुवेंदु अधिकारी ने रविवार को टीएमसी पर ईवीएम बदलने का आरोप लगाया। अधिकारी ने दावा किया है कि चार विधानसभा सीटों पर मतगणना से पहले इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) को बदल दिया गया था। इन सभी सीटों पर 30 अक्तूबर को वोटिंग हुई थी, जबकि इसके नतीजे 2 नंवबर को आए थे, जिसमें टीएमसी ने चारों सीटों पर जीत हासिल की थी। अधिकारी ने आश्चर्य जताते हुए यह आरोप लगाया है कि कुछ बूथों पर, भाजपा को मिले वोटों की संख्या पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के परिवारों के मतदाताओं से कम थी, यह कैसे हुआ। वहीं, सत्तारूढ़ टीएमसी ने अधिकारी के आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि चुनाव आयोग के तहत उपचुनाव हुए और केंद्रीय बल कर्मियों द्वारा कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना हुई।
कोलकाता में आयोजित एक समारोह में सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि मतगणना से पहले चार विधानसभा सीटों पर ईवीएम बदल दी गई थी। अगर नहीं तो, गोसाबा में सुब्रत मंडल और दिनहाटा में उदयन गुहा इतने बड़े अंतर से कैसे जीत सकते हैं? गुहा ने दिनहाटा उपचुनाव में 1.64 लाख के रिकॉर्ड अंतर से जीत दर्ज की, जबकि गोसाबा से मंडल 1.43 लाख मतों से विजयी हुए। टीएमसी के ब्रजा किशोर गोस्वामी ने शांतिपुर में अपने निकटतम भाजपा प्रतिद्वंद्वी को 64,675 मतों से हराया, जबकि खरदा विधानसभा क्षेत्र में राज्य के मंत्री सोवन्देब चट्टोपाध्याय ने भाजपा उम्मीदवार को 93,832 मतों के अंतर से हराया।
अधिकारी ने कहा, 'शांतिपुर कॉलेज बूथ में टीएमसी को 478 वोट मिले और भाजपा को आठ। उस बूथ पर 20 भाजपा कार्यकर्ता हैं और उनके परिवारों में कुल मतदाताओं की संख्या 92 है। गोसाबा के एक बूथ पर, एक नेता के परिवार में आठ वोट हैं लेकिन भाजपा को केवल एक वोट मिला। यह कैसे संभव है?'
वहीं, टीएमसी के राज्य प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि आधिकारी के आरोपों का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा, उपचुनाव चुनाव आयोग की देखरेख में हुए। मतगणना केंद्रीय बल के जवानों द्वारा कड़ी सुरक्षा के बीच हुई। अधिकारी इस तरह की बेतुकी कहानियां गढ़ रहे हैं। बता दें कि उपचुनावों के बाद, राज्य विधानसभा में टीएमसी की संख्या बढ़कर 217 हो गई, जबकि भाजपा की संख्या घटकर 75 हो गई।