{"_id":"5b399e394f1c1bb51e8b8df1","slug":"sushma-swaraj-responds-with-a-twitter-poll-43-approving-trolling","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुषमा स्वराज ने ट्विटर पोल से ट्रोल्स पर किया पलटवार, 57 फीसदी लोगों ने दिया उनका साथ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
सुषमा स्वराज ने ट्विटर पोल से ट्रोल्स पर किया पलटवार, 57 फीसदी लोगों ने दिया उनका साथ
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Mon, 02 Jul 2018 09:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ के दंपती तन्वी सेठ और अनस सिद्दीकी के पासपोर्ट मामले में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को मुस्लिम तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए ट्विटर पर ट्रोल किया गया था। सुषमा स्वराज ने इन ट्रोल्स पर ट्विटर पोल के जरिये पलटवार किया है। रविवार को कराए पोल में उन्होंने सवाल किया, ‘मैंने कुछ ट्वीट लाइक किए हैं। क्या आप ऐसे ट्वीट्स को सही ठहराते हैं?
विज्ञापन
रविवार शाम तक 1,10,000 लोगों ने पोल में हिस्सा लिया। इनमें 57 फीसदी लोग सुषमा स्वराज के पक्ष में हैं, जबकि 43 फीसदी ने ट्रोल्स का साथ दिया।
Friends : I have liked some tweets. This is happening for the last few days. Do you approve of such tweets ? Please RT
— Sushma Swaraj (@SushmaSwaraj) June 30, 2018
विज्ञापन
शनिवार को सुषमा के पति कौशल स्वराज ने एक ट्वीट के स्क्रीनशॉट को ट्वीट किया। इसमें यूजर ने उनसे कहा था कि वह सुषमा स्वराज को पीटें और मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए मना करें। इसके बाद मामले ने फिर तूल पकड़ना शुरू कर दिया।
विज्ञापन
रविवार को कौशल ने ट्वीट का जवाब भी दिया। उन्होंने लिखा कि आपके शब्दों ने हमारे पूरे परिवार को पीड़ा पहुंचाई है। कैंसर से मेरी मां का देहांत 1993 में हो गया। सुषमा उस समय सांसद थीं। वह मेरी माताजी की देखभाल करने के लिए पूरे एक साल अस्पताल में रहीं। उन्होंने मेडिकल अटेंडेंट को रखने से इनकार कर दिया। उन्होंने खुद मेरी मां की देखभाल की। यह उनका परिवार के प्रति समर्पण है। कृपया आप उनके लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल न करें।
दंपती तन्वी सेठ और अनस सिद्दीकी ने लखनऊ के पासपोर्ट सेवा केंद्र में कार्यरत विकास मिश्रा पर अपमानित करने का आरोप लगाया था। विवाद के बाद मिश्रा का ट्रांसफर कर दिया गया। इसके बाद पुलिस और स्थानीय खुफिया इकाई की रिपोर्ट में पाया गया कि महिला दिए गए पते पर एक साल से नहीं रह रही थी। इसी के बाद सुषमा स्वराज को ट्रोल किया गया था। लोगों ने कहा कि वह तो अपनी ड्यूटी कर रहे थे। इतना ही नहीं उनके फेसबुक पेज की रेटिंग गिरा दी गई और उन पर मुस्लिम तुष्टिकरण के आरोप भी लगाए गए।