सुषमा स्वराज के वो ट्वीट्स और भाषण, जो हमेशा याद रहेंगे
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सुषमा स्वराज...एक राजनेता के रूप में ममता की छवि। ऐसी नेता जो एक संदेश या ट्वीट पर तुरंत देशवासियों की मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहती थीं। भारतीय राजनीति का एक सौम्य चेहरा, प्रभावशाली व्यक्तित्व और उतनी ही ओजस्वी व आक्रामक वक्ता। चौड़े बॉर्डर वाली साड़ी, माथे पर लाल बिंदी और मुस्कुराता चेहरा। सुषमा स्वराज को जब भी याद करेंगे, वह इसी रूप में नजर आएंगी।
लेकिन सुषमा का व्यक्तित्व सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है। ऐसी और कई बातें हैं, जिनके लिए सिर्फ देश ही नहीं, पूरी दुनिया उन्हें याद रखेगी। खास कर उनके ट्विटर पर उनका निराला अंदाज। यह कहना गलत नहीं होगा कि सुषमा स्वराज ट्विटर पर राज करने वाली राजनेता थीं। कई बार उन्होंने ट्विटर पर ट्रोलर्स को करारा जवाब दिया। आगे पढ़ें सुषमा के ऐसे ही कुछ ट्वीट्स।
ट्विटर पर राज करने वाली सुषमा
ट्विटर पर सुषमा स्वराज के 1.31 करोड़ फॉलोअर्स हैं। लेकिन सुषमा खुद किसी को फॉलो नहीं करती थीं। इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वह दुनिया की सबसे चर्चित महिला नेता थीं। ट्विटर के जरिए सुषमा ने देश-दुनिया में करीब 80 हजार लोगों की मदद की। विदेशों में फंसे भारतीयों के लिए तो सुषमा किसी संकटमोटक से कम नहीं थीं।
सुषमा के मजेदार ट्वीट्स
'मुझे मजाकिया नहीं होना चाहिए'
एक बार एक यूजर ने उनसे कहा कि आप तो राहुल गांधी से भी ज्यादा मजाकिया हैं। इस पर सुषमा ने जवाब दिया- 'अगर ऐसा है तो मुझे अब मजाकिया नहीं होना चाहिए।'
'इस भावना के लिए आपको मेरा अग्रिम धन्यवाद'
दिल्ली मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के निधन के बाद एक ट्रोलर ने सुषमा के लिए लिखा - 'आपकी भी बहुत याद आएगी एक दिन शीला दीक्षित की तरह अम्मा।' इस पर सुषमा स्वराज ने जवाब दिया- 'इस भावना के लिए आपको मेरा अग्रिम धन्यवाद।'
'सभी बोली और व्याकरण को इंग्लिश में फॉलो कर सकती हूं'
पिछले साल मार्च में मलेशिया में रहने वाले एक भारतीय ने अपने दोस्त को भारत वापस लाने के लिए सुषमा को ट्वीट कर मदद मांगी थी। इस ट्वीट में व्याकरण की कुछ गलतियां थीं। इस पर दूसरे यूजर ने लिखा कि पंजाबी या हिंदी में ही लिख देता। इसके जवाब में सुषमा ने लिखा - 'कोई परेशानी नहीं है। विदेश मंत्री बनने के बाद मैंने इंग्लिश को सभी बोलियों और व्याकरण में फॉलो करना सीख लिया है'।
'मंगल पर भी फंस गए तो वे भारतीय दूतावास वहां होगा'
सुषमा को एक यूजर ने ट्वीट किया कि वह मंगल पर फंस गया है। इसके जवाब में सुषमा स्वराज ने भी लिखा- 'अगर आप मंगल पर भी फंस गए हैं तो भारतीय दूतावास वहां भी आपकी मदद के लिए होगा'।
'भाई मैं रेफ्रिजरेटर के मामले में आपकी मदद नहीं कर सकती'
एक बार एक यूजर ने ट्वीट कर सुषमा से अपने खराब रेफ्रिजरेटर के मामले में मदद मांगी। सुषमा ने इसका भी जवाब दिया। लिखा- 'भाई मैं रेफ्रिजरेटर के मामले में आपकी मदद नहीं कर सकती। मैं परेशान इंसानों की मदद करने में काफी व्यस्त हूं'।
'क्योंकि मैं भारतीय हितों चौकीदारी कर रही हूं'
एक यूजर ने सुषमा से पूछा था कि आपके ट्विटर हैंडल पर चौकीदार क्यों लिखा है। इसके जवाब में सुषमा ने लिखा - 'क्योंकि मैं भारतीय हितों और विदेशों में भारतीय नागरिकों की चौकीदारी कर रही हूं'।
'मीडिया - कृपया इस हेडलाइन से बचें'
2016 की बात है जब 19 कैबिनेट मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में सुषमा नहीं जा सकी थीं। तब उन्होंने ट्वीट किया था- 'मीडिया- कृपया इस हेडलाइन से बचें: शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हुईं सुषमा स्वराज'।
सुषमा स्वराज के वो यादगार ओजस्वी भाषण
संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान के लिए
सितंबर 2018 में बतौर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिंदी में भाषण दिया था। इसकी खूब तारीफ हुई थी। उन्होंने नवाज शरीफ से कहा था, 'पाक आतंकवाद छोड़ दे। जब सीमा पर जनाजे उठ रहे हों, तो बातचीत की आवाज अच्छी नहीं लगती।'
राहुल गांधी के लिए
इसी साल संसद में राहुल के भाषण के जवाब में सुषमा ने कहा था- 'जिसके परिवार में 2-2 लोग आतंक का शिकार हुए हों, उस परिवार का बेटा कह रहा है कि आतंक मुद्दा नहीं है। अगर नहीं है तो आप एसपीजी की सुरक्षा लिए क्यों चलते हैं?'
सोनिया गांधी के लिए
2004 में सुषमा ने कहा था- 'अगर सोनिया गांधी पीएम बनती हैं तो मैं अपना सिर मुंडवां लूंगी। सफेद साड़ी पहनूंगी। भिक्षुणी की तरह जमीन पर सोऊंगी और सूखे चने खाऊंगी।'
मनमोहन सिंह के लिए
मार्च 2011 में लोकसभा में सुषमा ने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर कटाक्ष करते हुए कहा था- 'तू इधर-उधर की बात न कर, ये बता कि काफिला क्यों लुटा? मुझे रहजनों से गिला नहीं, तेरी रहबरी का सवाल है।' तब यूपीए के कई घोटाले सामने आ रहे थे।
सुषमा स्वराज और सोनिया गांधी
- 2004 में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की जीत के बाद कांग्रेस ने सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री बनाने का फैसला किया। लेकिन सुषमा इस फैसले के खिलाफ थीं।
- उन्होंने सार्वजनिक रूप से घोषणा कर दी कि अगर सोनिया गांधी प्रधानमंत्री बनती हैं, तो वह तुरंत अपना सांसद पद छोड़ देंगी और भिक्षुणी का जीवन धारण कर लेंगी। सफेद वस्त्र धारण करेंगी, जमीन पर सोएंगी और भुने चने खाएंगी।
- बाद में सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री बनने से इनकार कर दिया और मनमोहन सिंह पीएम बने थे।
- सोनिया गांधी और सुषमा स्वराज के बीच अदावत की शुरुआत साल 1999 के लोकसभा चुनाव से मानी जाती है। जब दोनों ने कर्नाटक के बेल्लारी लोकसभा सीट से एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ा था।
- 'आदर्श नारी' बनाम 'विदेशी महिला' की कथित लड़ाई वाले इस चुनाव में सुषमा स्वराज कुछ वोटों से हार गई थीं।
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अच्छी वक्ता
- सुषमा की गिनती भारतीय राजनीती के तेज-तर्रार वक्ताओं में होती है।अपने भाषणों में वह जितनी आक्रामक होती थीं, निजी जीवन में उतनी ही सौम्य व सरल।
- भाजपा में अटल बिहारी वाजपेयी के बाद सुषमा स्वराज, प्रमोद महाजन और अरुण जेटली लोकप्रिय वक्ता थे। संसद से सड़क तक, सुषमा की गिनती बीजेपी के डी(दिल्ली)-4 में होती थी।
परिवार
- सुषमा स्वराज के पिता हरदेव शर्मा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख सदस्य थे। मां का नाम लक्ष्मी देवी था।
- सुषमा की शादी 13 जुलाई 1975 को सुप्रीम कोर्ट के वकील स्वराज कौशल से हुई। लॉ की पढ़ाई के समय से ही दोनों दोस्त थे। स्वराज कौशल समाजवादी नेता जॉर्ज फर्नांडिस के करीबी थे। बाद में वह छह साल तक राज्यसभा में सांसद और फिर मिजोरम के राज्यपाल रह चुके हैं।
- उनकी बेटी बांसुरी कौशल दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में क्रिमिनल लॉयर हैं।
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चुनावी व राजनीतिक सफर
- पिछले चार दशकों में सुषमा स्वराज 11 चुनाव लड़ीं। इनमें से तीन विधानसभा चुनाव थे जिनमें सुषमा को जीत मिली।
- 1977 में अंबाला छावनी सीट से हरियाणा चुनाव जीता। 1979 में हरियाणा में जनता पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष बनीं।
- 80 के दशक में भाजपा के गठन के बाद पार्टी में आईं। 1987 में दूसरी बार विधायक बनीं।
- 1996 में दिल्ली से लोकसभा पहुंची। 13 दिन की वाजपेयी सरकार में सूचना और प्रसारण मंत्री रहीं। वाजपेयी के तीनों कार्यकाल में मंत्री रहीं।
- सुषमा स्वराज भारत की पहली पूर्णकालिक विदेश मंत्री थीं। उनसे पहले इंदिरा गांधी ने पीएम रहते यह पंद संभाला था।
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