जाधव केस: सुषमा स्वराज ने शशि थरूर से ड्राफ्ट तैयार करने में मांगी मदद
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भारत और पाकिस्तान के बीच पूर्व नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा सुनाए जानें के बाद तल्खी बढ़ गयी है। पाकिस्तान के इस फैसले पर सर्वदलीय नेता सदन में एक हो गये हैं और सब ने एक स्वर में पाकिस्तान की घोर निंदा की है।
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उन्होंने कहा संसद में कहा कि सरकार और भारत के लोग इस घटना को काफी गंभीरता से ले रहे हैं जिसमें बिना किसी प्रक्रिया का पालन किये हुए पाकिस्तान में एक निर्दोष भारतीय नागरिक को मौत की सजा का सामना करना पड़ रहा है। विदेश मंत्री ने कहा, हमारे पास इस सजा को सुनियोजित हत्या का कृत्य मानने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है।
सजा पर अमल हुआ तो पड़ेगी संबंधों में दरार
सुषमा ने कहा कि अगर इस मौत की सजा पर अमल होता है, तब द्विपक्षीय संबंधों पर इसके प्रभाव पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार न केवल ये सुनिश्चित करेगी कि पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट में सर्वश्रेष्ठ वकीलों की सेवाएं जाधव के लिए सुनिश्चित की जाएं बल्कि इस विषय को पाकिस्तान के राष्ट्रपति के समक्ष भी उठाया जायेगा।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का वकील खड़ा करना तो बहुत छोटी बात है, हम लोग राष्ट्रपति तक से जो बात करनी है, करेंगे और किसी न किसी तरह से जाधव को बचाने का प्रयास करेंगे।
इसके बाद उन्होंने लोकसभा में थरूर की कुर्सी तक जाकर उनसे मदद करने की मांग की, थरूर ने मल्लिकार्जुन खड़गे से इजाजत लेकर उनकी मदद की। इसके बाद थरूर ने कहा कि ये एक ऐसा मुद्दा है जिससे हम सब प्रभावित हैं।