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कोल इंडिया: चेयरमैन बोले- कीमतों में वृद्धि के बिना कुछ कंपनियों का टिके रहना मुश्किल, जानें पूरा मामला
Fri, 18 Feb 2022 10:34 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Fri, 18 Feb 2022 10:34 PM IST
सार
सूत्रों ने कहा कि मुद्रास्फीति के दबाव से निपटने के लिए कोल खनन कंपनी पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के बाद कीमतों में वृद्धि कर सकती है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
सार्वजानिक क्षेत्र की खनन कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड ने शुक्रवार को बड़ी बात कही। बताया गया कि कोयले की कीमतों में तत्काल वृद्धि की आवश्यकता है। कंपनी सूत्रों के मुताबिक, कीमतों में वृद्धि के बिना कोल इंडिया की कुछ अनुषंगी इकाइयों का बाजार में टिके रहना बहुत मुश्किल हो जाएगा। कंपनी कोयले की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर संबंधित पक्षों और निदेशक मंडल के बीच आम सहमति बनाने की भी कोशिश कर रही है।
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सूत्रों ने कहा कि मुद्रास्फीति के दबाव से निपटने के लिए कोल खनन कंपनी पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के बाद कीमतों में वृद्धि कर सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसा माना जा रहा कि कोल इंडिया के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल ने निवेशकों से गुरुवार को कहा कि मेरे लिए हर दिन महत्वपूर्ण है। कीमतों में बढ़ोतरी बहुत जरूरी हो गई है। कुछ सहायक कंपनियों का अस्तित्व कीमतों में वृद्धि पर निर्भर करता है।
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हालांकि अग्रवाल ने उन सहायक कंपनियों के नाम का खुलासा नहीं किया। गौरतलब है कि वैश्विक स्तर पर कोयले की कीमतें बढ़ रही हैं। इसके कारण घरेलू स्रोतों से इस ईंधन की मांग बढ़ गई है। उन्होंने यह भी कहा कि वेतन को लेकर बातचीत 2022-23 में पूरी होने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार कंपनी के ऊपर प्रस्तावित वेतन वृद्धि और ईंधन लागत को लेकर खर्च के स्तर पर काफी दबाव है।
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