फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   survey of abp nielsen survey on uttar pradesh elections in 2017

मायावती सीएम पद की पहली पसंद, अखिलेश के राज में बढ़ा करप्शन

Wed, 16 Mar 2016 11:35 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 16 Mar 2016 11:35 PM IST
सार

  • बसपा सुप्रीमो सीएम पद की पसंद
  • अखिलेश राज में कम हुए विकास के काम
  • बढ़ा करप्शन, लॉ एण्ड ऑर्डर भी हुआ खराब

विज्ञापन
survey of abp nielsen survey on uttar pradesh elections in 2017

विस्तार

अभी उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में करीब एक साल का लंबा समय है लेकिन उससे जुड़े सर्वे आने शुरु हो गए हैं।  सर्वे में यह बात सामने आई है कि मुख्यमंत्री पद के लिए बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती लोगों की पहली पसंद हैं। उन्हें 31 प्रतिशत लोगों ने पसंद किया है वहीं अखिलेश को 30, वरुण गांधी को 7, राजनाथ सिंह 18 , प्रियंका गांधी और स्मृति ईरानी को 2  फीसदी लोग मुख्यमंत्री पद के लिए बेहतर मानते हैं।

विज्ञापन


सर्वे में यह बात भी सामने आ रही है कि अखिलेश सरकार के 4 साल पूरे होने पर 32 फीसदी लोग उनके कामों को अच्छा मानते हैं , वहीं 29 प्रतिशत लोग औसत मानते हैं। अखिलेश सरकार के काम को  बहुत खराब मानने वाले 34 फीसदी लोग हैं। एबीपी न्यूज के सर्वे में बताया गया है कि अगले साल होने वाले चुनावों पूर्वी उत्तर प्रदेश यानी पूर्वांचल की कुल 176 सीटों में से 38 सीट सपा, 63  बसपा, 64 भाजपा, 8 कांग्रेस और 3 सीट अन्य को मिल सकता है।
विज्ञापन


यह सर्वे 19 फरवरी से 1 मार्च तक के बीच किया गया जिसमें उत्तर प्रदेश के कुल 403 में से 161 सीटों को शामिल किया गया है। इस सर्वे में 19572 लोगों को शामिल किया गया है। इस सर्वे के मुताबिक उत्तर प्रदेश में भाजपा को खासी बढ़त मिलेगी लेकिन वो बसपा से पीछे रहेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

अखिलेश राज में न विकास हुआ, न कानून व्यवस्था सुधरी!

survey of abp nielsen survey on uttar pradesh elections in 2017
सर्वे में यह बात समाने आई है कि लोगों को उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी समस्या है बेरोजगारी। 29 प्रतिशत लोगों ने बेरोजगारी को बड़ी समस्या माना है। इसके बाद भ्रष्टाचार और मंहगाईं भी इन समस्याओं में शामिल है। वहीं मंदिर सरीखे मुद्दों पर 34 फीसदी लोगों का मानना है कि अयोध्या, मथुरा और काशी से जुड़े मंदिर के मुद्दे चुनाव पर असर डालेंगे वहीं 47 फीसदी का मानना है इसका चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

19 फीसदी लोगों इस पशोपेश में फंसे है कि वो इस बारे में कुछ कह नहीं सकते।  सर्वे में मध्य उत्तर प्रदेश जिसमें 9 जिलें शामिल हैं उनके 63 सीटो में सबसे ज्यादा सीट बसपा को 31, सपा को 12, बीजेपी को 19 और कांग्रेस को सिर्फ 1 सीट दिया गया है। कानून व्यवस्था के मुद्दे पर 60  फीसदी लोगों का मानना है कि इसमेंकोई सुधार नहीं हुआ है वहीं 33 फीसदी लोगों का मानना है कि सुधार हुआ है, जबकि 7 प्रतिशत लोगों को इस संबंध में कुछ पता नहीं है।

विकास के मुद्दे पर सर्वे में पता चला है कि 25 फीसदी लोग मानते हैं कि विकास हुआ है, 66 फीसदी लोगों का कहना है कि विकास नहीं हुआ है और 9 प्रतिशत लोगों का कहना है कि उन्हें विकास के संबंध में पता ही नहीं है।

कांग्रेस को महज 13 सीटें!

survey of abp nielsen survey on uttar pradesh elections in 2017

पश्चिम उत्तर प्रदेश के 26 जिलों में से कुल 145 सीटों में से सपा को 28, बसपा को 80, भाजपा 32, कांग्रेस 3 और अन्य को 2 सीटें मिलने का अनुमान है। बुंदेलखण्ड के 7 जिलों में 19 विधानसभा सीटे हैं। यहां सर्वे में सपा को 2, बसपा 11, भाजपा 5  और कांग्रेस को  1 सीट मिलने का अनुमान है।

सर्वे में बताया गया है कि अगर मौजूदा समय में चुनाव हुए तो  प्रदेश की 403 सीटो में से बसपा को 185 , सपा को 80, भाजपा को 120 कांग्रेस को 13 और अन्य को 5 सीटे मिलने की संभावना है। सर्वे में बताया जा रहा है कि भाजपा बहुमत से बहुत दूर रहेगी। गौरतलब है कि 2012 के चुनाव में सपा को 228, बसपा को 80, भाजपा को 42, कांग्रेस को 29 और अन्य को 2 सीटे मिलेंगी।
 

उपरोक्त सर्वे एबीपी निलसन न्यूज के हैं। यह अमर उजाला के विचार नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed