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सूरत हादसाः सड़क किनारे सो रहे 15 मजदूरों की मौत पर गुजरात हाईकोर्ट का स्वतः संज्ञान
Fri, 29 Jan 2021 07:51 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Fri, 29 Jan 2021 07:51 PM IST
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Gujarat High Court
बीते दिनों सूरत में सड़क किनारे सो रहे 15 प्रवासी मजदूरों को ट्रक द्वारा रौंदे जाने की घटना पर गुजरात हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। इस मामले में हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका दर्ज की है।
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सूरत जिले में 19 जनवरी को हुए भयावह हादसे में राजस्थान से कामकाज की तलाश में आए 15 मजदूरों की मौत हो गई थी। किम-मांडवी मार्ग पर सड़क किनारे सो रहे 15 लोगों को एक ट्रक ने कुचल दिया था जिसमें एक वर्ष की बच्ची और आठ महिलाएं भी शामिल थीं।
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पांच सरकारी अधिकारियों को नोटिस
मुख्य न्यायाधीश विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति ए जे शास्त्री की पीठ ने 27 जनवरी को जनहित याचिका पंजीकृत की और पांच सरकारी अधिकारियों को नोटिस जारी किया। मुख्य सचिव, गृह एवं पत्तन तथा परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिवों, श्रम एवं रोजगार विभाग के प्रधान सचिव तथा परिवहन आयुक्त को नोटिस जारी किए गए।
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वरिष्ठ वकील देसाई ने लिखा था पत्र
पीठ ने कहा कि दुर्घटना के बाद वरिष्ठ वकील अंशीन देसाई ने उच्च न्यायालय को पत्र लिखकर स्वत: संज्ञान जनहित याचिका पंजीकृत करने का अनुरोध किया था। देसाई ने पत्र में कहा कि राज्य सरकार एवं नगर निगमों का संवैधानिक एवं वैधानिक दायित्व है कि गरीबों एवं कमजोर तबके को आवास मुहैया कराया जाए।
उच्च न्यायालय जनहित याचिका पर आठ फरवरी को आगे की सुनवाई करेगा।