फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Suprme Court pulls up Kerala government for not complying with orders in Maradu flats case

मरदु फ्लैट : सुप्रीम कोर्ट ने आदेशों का पालन नहीं करने पर केरल सरकार को लगाई फटकार

Mon, 23 Sep 2019 05:05 PM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आसिम खान Updated Mon, 23 Sep 2019 05:05 PM IST
विज्ञापन
Suprme Court pulls up Kerala government for not complying with orders in Maradu flats case
सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

उच्चतम न्यायालय ने तटीय विनियमन क्षेत्र (सीआरजेड) की अधिसूचनाओं का उल्लंघन करते हुए कोच्चि के मरदु में निर्मित चार अपार्टमेंट परिसरों को गिराने के उसके आदेश का पालन नहीं किए जाने पर केरल सरकार को सोमवार को फटकार लगाई। शीर्ष अदालत ने कहा कि वह तटीय क्षेत्रों में अवैध निर्माण के बारे में जानकर हैरान है। उसने कहा कि मुख्य सचिव को प्रकृति को हुए नुकसान का पता लगाने के लिए एक सर्वेक्षण करना चाहिए।

विज्ञापन


न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि वह इस मामले पर शुक्रवार को विस्तृत आदेश सुनाएगी। पीठ ने राज्य के मुख्य सचिव से कहा, ‘क्या आपको इस बात का अंदाजा है कि बाढ़ और पर्यावरण को हुए नुकसान के कारण कितने लोगों की मौत हुई है। आप प्रकृति से खेल रहे हैं। आपदाओं में हजारों लोग मारे गए हैं। आपने पीड़ितों के लिए कितने मकान बनाए हैं? इसके बावजूद तटीय इलाकों में अवैध निर्माण जारी है।’
विज्ञापन


पीठ ने कहा कि मुख्य सचिव का आचरण आदेश की अवहेलना करने वाला है और अब वह बहुत मुश्किल हालात में खड़े हैं। ‘वहां जो कुछ भी हो रहा है, वह हम जानते हैं। हम जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करेंगे। यह बहुत बड़ा नुकसान है। यह उच्च ज्वार भाटे वाला क्षेत्र है और सैकड़ों अवैध ढांचे तटीय क्षेत्र पर बने हैं।’ पीठ ने कहा कि मुख्य सचिव ने अपने शपथ पत्र में यह नहीं बताया है कि शीर्ष अदालत के आदेश का पालन करने के लिए कितने समय की आवश्यकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पीठ ने कहा, ‘हम शुक्रवार को विस्तृत आदेश सुनाएंगे।’ इससे पहले केरल के मुख्य सचिव ने हलफनामा दायर कर शीर्ष अदालत को भरोसा दिलाया था कि न्यायालय के आदेशों का पालन किया जाएगा और इमारतों को गिराने के लिए एक विशेष एजेंसी का चयन करने की प्रक्रिया चल रही है।


मुख्य सचिव ने शीर्ष अदालत से यह आग्रह किया कि 23 सितंबर को व्यक्तिगत तौर पर अदालत में पेश होने से उन्हें छूट दी जाए। मुख्य सचिव टॉम जोस ने कहा कि वह अपने किसी भी व्यवहार के लिए बिना शर्त माफी मांगते हैं जिसे यह अदालत अपने आदेश के अनुकूल नहीं मानती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed