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देश के 10 हाईकोर्ट में 30 वर्षों से अधिक समय से लंबित हैं 14484 मुकदमे

Sun, 21 Jun 2020 04:51 AM IST
संजीव कुमार झा राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली
राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Sun, 21 Jun 2020 04:51 AM IST
सार

  • आपराधिक अपील मिथ्या ही बन कर रह जाएगी अगर समय पर सुनवाई नहीं हो: सुप्रीम कोर्ट
  • सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद समेत छह हाईकोर्ट से आपराधिक अपीलों के बारे में मांगी जानकारी
  • अकेले इलाहाबाद हाईकोर्ट में 30 वर्ष से अधिक समय से लंबित अपील की संख्या 14207

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Supreme court worried about 14484 lawsuits pending for more than 30 years in 10 high courts of the country
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : social media

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद सहित दस हाईकोर्ट में 30 वर्षों से अधिक समय से लंबित 14,484 आपराधिक अपील पर चिंता जताई। शीर्ष अदालत ने कहा कि यह दोषियों के साथ सार्वजनिक हित में है कि इन अपीलों का जल्द निपटारा किया जाए। आपराधिक अपील मिथ्या ही बन जाएगी अगर समय पर इनकी सुनवाई न हो। अकेले इलाहाबाद हाईकोर्ट में 30 वर्ष से अधिक समय से लंबित अपीलों की संख्या 14207 है।

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जस्टिस एल नागेश्वर रॉ और जस्टिस एस रविंदर भट्ट की पीठ ने कहा, इन तथ्यों ने न्यायिक प्रणाली के लिए एक चुनौती खड़ी कर दी है। जल्द ट्रायल के अधिकार में अपील के जल्द निपटान का अधिकार भी शामिल है। यह चिंता का विषय है कि अपील पर सुनवाई न होने के कारण वर्षों से लोग जेल में बंद रहते है, उन्हें जमानत नहीं मिल पाती है।
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ऐसा देखा गया है कि उनकी अपील पर तब सुनवाई के लिए आती है जब सजा की अवधि पूरी होने वाली होती है या सजा का बड़ा हिस्सा जेल में बिता चुके होते हैं। पीठ ने पाया कि 10 ऐसे हाईकोर्ट हैं जहां बहुत लंबे वक्त से अपील लंबित हैं।
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लिहाजा पीठ ने फिलहाल इलाहाबाद, राजस्थान, पटना, बॉम्बे, मध्य प्रदेश और उड़ीसा हाईकोर्ट को हलफनामा दाखिल कर यह बताने के लिए कहा है लंबे समय से लंबित आपराधिक मामलों के निपटारे के लिए उनकी क्या योजना है। सभी हाईकोर्ट को ऐसे दोषियों की उम्र व उसके स्वास्थ्य के अलावा यह भी बताने के लिए कहा है कि वे कितने समय से जेल में बंद हैं।

  • उम्रकैद की सजा पाए दोषी की याचिका पर सुनवाई

वास्तव में शीर्ष अदालत उम्रकैद की सजा पाए खुर्शीद अहमद की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उसकी सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। खुर्शीद की ओर से पेश वकील ने जमानत की गुहार लगाते हुए कहा कि उनका मुवक्किल तीन वर्ष जेल में बिता चुका है और उसकी अपील पर निकट भविष्य में सुनवाई के कोई आसार नहीं है।

पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता सहित कई अन्य वकीलों की दलीलों को सुनने के बाद कहा कि सिर्फ उन अपीलों पर ही जल्द सुनवाई का निर्देश नहीं दिया जाना चाहिए जिन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया है बल्कि उन दोषियों की अपील पर सुनवाई होनी चाहिए जो लंबे समय से सलाखों के पीछे हैं।
 

  • आगे की स्लाइड में  जानिए किस हाईकोर्ट में कितने वर्षों से लंबित हैं मुकदमे

हाईकोर्ट  10 से 20 वर्षों तक 20 से 30 वर्षों तक 30 वर्ष से ज्यादा
इलाहाबाद  88738 19734  14207
राजस्थान  22945 5658 242
मध्यप्रदेश 28738 2602 __
बॉम्बे       8474 838 08
ओडिशा  8884 832 08
पंजाब-हरियाणा  19864 317 -----
झारखंड 10462 645 02
केरल 8671   10 01
गुजरात 5898 546  
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