फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court Updates Professor ali khan Mahmudabad approach Court controversial post on Ops Sindoor many case

SC Updates: प्रोफेसर महमूदाबाद ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा, ऑपरेशन सिंदूर पर की थी विवादस्पद पोस्ट

Mon, 27 Oct 2025 07:04 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु चंदेल Updated Mon, 27 Oct 2025 07:04 PM IST
सार

अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर पासपोर्ट वापसी की मांग की है। ऑपरेशन सिंदूर पर विवादित पोस्ट के बाद हरियाणा पुलिस ने उन्हें मई में गिरफ्तार किया था। इसके साथ सुप्रीम कोर्ट से जुड़े कई अहम फैसले और बताए गए हैं।

विज्ञापन
Supreme Court Updates Professor ali khan Mahmudabad approach Court controversial post on Ops Sindoor many case
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : एएनआई

विस्तार

अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद एक बार फिर सुर्खियों में हैं। ऑपरेशन सिंदूर पर सोशल मीडिया पोस्ट के बाद दर्ज हुए विवादास्पद केस में अब उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। प्रोफेसर ने अपनी जमानत की शर्त के तहत जमा किया गया पासपोर्ट वापस लेने की अनुमति मांगी है, ताकि वे विदेश यात्रा कर सकें। सुप्रीम कोर्ट जस्टिस सूर्यकांत और जॉयमल्या बागची वाली बेंच ने महमूदाबाद की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि पासपोर्ट वापसी की मांग पर 18 नवंबर को विचार किया जाएगा। अदालत ने कहा कि प्रोफेसर की तत्काल विदेश यात्रा की योजना नहीं है, इसलिए इस पर अगली सुनवाई में निर्णय लिया जाएगा।
विज्ञापन

 
सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस. वी. राजू ने कहा कि यदि प्रोफेसर विदेश जाना चाहते हैं, तो उन्हें अपनी यात्रा की पूरी जानकारी जमा करनी होगी। वहीं, महमूदाबाद के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि राज्य को अगर कोई आपत्ति नहीं है तो पासपोर्ट रोके रखने का कोई औचित्य नहीं बनता। उन्होंने कहा कि जब कोई आपत्ति नहीं है तो पासपोर्ट रखने का क्या फायदा? इसे वापस किया जाना चाहिए।
विज्ञापन


हरियाणा पुलिस ने 18 मई को प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की गई थीं। एक हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया की शिकायत पर, और दूसरी एक ग्राम प्रधान की ओर से सोनीपत जिले के राय थाना क्षेत्र में। सुप्रीम कोर्ट ने 21 मई को उन्हें अंतरिम जमानत दी थी, लेकिन शर्त रखी थी कि वे अपना पासपोर्ट सोनीपत की सीजेएम अदालत में जमा करेंगे और जांच में पूरा सहयोग देंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


पूर्व वसई-विरार आयुक्त अनिल पवार की गिरफ्तारी पर विवाद, सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा ईडी का मामला
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की उस याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जताई, जिसमें बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें पूर्व वसई-विरार नगर निगम प्रमुख अनिल पवार की मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तारी को गैरकानूनी करार दिया गया था। ईडी ने पवार को 13 अगस्त को गिरफ्तार किया था।

एजेंसी का आरोप है कि 2008 से 2010 के बीच नगर निगम क्षेत्र में 41 अवैध इमारतों का निर्माण बिल्डरों और नगर निकाय अधिकारियों की मिलीभगत से किया गया। सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने पवार से जवाब मांगा है और तीन सप्ताह बाद अगली सुनवाई तय की है।

पवार ने हाईकोर्ट में अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए कहा था कि यह गिरफ्तारी मनमानी और शक्ति का दुरुपयोग है। हाईकोर्ट ने पाया कि जब कथित अवैध निर्माण हुए, उस समय पवार पद पर नहीं थे, इसलिए उन्हें दोषी नहीं ठहराया जा सकता। अदालत ने उनकी गिरफ्तारी और विशेष पीएमएलए अदालत द्वारा दिए गए रिमांड आदेश को रद्द कर दिया और रिहाई का निर्देश दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उसने कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें पश्चिम बंगाल में मनरेगा योजना यानी 100 दिन का रोजगार गारंटी कार्यक्रम को एक अगस्त 2025 से लागू करने का निर्देश दिया गया था। जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट का आदेश किसी हस्तक्षेप योग्य नहीं है।

 सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की याचिका खारिज की, एक अगस्त से बंगाल में मनरेगा लागू करने का आदेश बरकरार
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उसने कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें पश्चिम बंगाल में मनरेगा योजना यानी 100 दिन का रोजगार गारंटी कार्यक्रम को एक अगस्त 2025 से लागू करने का निर्देश दिया गया था। जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट का आदेश किसी हस्तक्षेप योग्य नहीं है।

हाईकोर्ट ने अपने 18 जून के आदेश में कहा था कि केंद्र सरकार को मनरेगा लागू करने के दौरान पश्चिम बंगाल में विशेष शर्तें, प्रतिबंध या नियम लागू करने का पूरा अधिकार है ताकि किसी भी तरह की अनियमितता न हो। अदालत ने केंद्र को राज्य में मनरेगा से जुड़ी अनियमितताओं की जांच जारी रखने की अनुमति दी थी, लेकिन साथ ही यह भी कहा था कि करीब तीन साल से ठप पड़े इस कार्यक्रम को अब फिर से शुरू किया जाना चाहिए।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मनरेगा जैसी योजना को अनिश्चित काल तक ठंडे बस्ते में नहीं डाला जा सकता और केंद्र के पास जांच और निगरानी की पर्याप्त शक्तियां हैं ताकि इसका सही क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

झारखंड के सारंडा वन्यजीव अभयारण्य पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को झारखंड के सारंडा वन्यजीव अभयारण्य (एसडब्ल्यूएल) और ससंगदाबुरु संरक्षण रिजर्व (एससीआर) से जुड़े मामले में सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया।चीफ जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद राज्य सरकार, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) और एमिकस क्यूरी के वकीलों से शुक्रवार तक लिखित जवाब मांगा है।

एमिकस क्यूरी ने दलील दी कि अभयारण्य के लिए तय क्षेत्र को 31,468 हेक्टेयर से घटाकर 24,000 हेक्टेयर किया जा रहा है ताकि निजी खनन कंपनियों को फायदा मिले। इस पर झारखंड सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि राज्य 38 फीसदी वन क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है।


सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र के उपक्रम सेल की ओर से कहा कि राष्ट्रीय हित में उसे मौजूदा लौह अयस्क खदानों में खनन जारी रखने की अनुमति दी जाए। इससे पहले अदालत ने झारखंड सरकार को आदेश दिया था कि सारंडा क्षेत्र को जल्द वन्यजीव अभयारण्य घोषित करे। यह मामला पश्चिम सिंहभूम जिले के समृद्ध वन क्षेत्रों को अभयारण्य और संरक्षण रिजर्व घोषित करने से जुड़ा है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed