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सुप्रीम कोर्ट अपडेट: अभिनेत्री अनीता आडवाणी की याचिका खारिज, पूर्व IAS अधिकारी जमानत केस में साय सरकार को राहत

Thu, 29 Oct 2026 02:58 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नई दिल्ली। Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Thu, 29 Oct 2026 02:58 PM IST
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Supreme Court Update Actress Anita Advani’s plea dismissed relief Sai government former IAS officer bail case.
सुप्रीम कोर्ट अपडेट - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
राजेश खन्ना से रिश्ते को शादी का दर्जा देने की मांग खारिज, सुप्रीम कोर्ट बोला- 'लग्जरी मुकदमेबाजी'
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सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पूर्व अभिनेत्री अनीता आडवाणी की याचिका खारिज कर दी। उन्होंने दिवंगत अभिनेता राजेश खन्ना के साथ अपने कथित रिश्ते को शादी के रूप में मान्यता देने की मांग की थी। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने कहा कि इस याचिका पर सुनवाई का कोई आधार नहीं है। अदालत ने इसे 'लग्जरी मुकदमेबाजी' करार दिया। अनीता आडवाणी ने बॉम्बे हाईकोर्ट के एक अप्रैल के आदेश को चुनौती दी थी। उनके वकील ने अदालत में कहा कि वह इस मामले में अपने सम्मान और गरिमा के लिए लड़ रही हैं।

अनीता का दावा था कि वह कई वर्षों तक राजेश खन्ना के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रही थीं। जुलाई 2012 में राजेश खन्ना के निधन के बाद उन्हें मुंबई स्थित उनके बंगले 'आशीर्वाद' से बाहर कर दिया गया था। उन्होंने इसके लिए राजेश खन्ना की अलग रह रहीं पत्नी डिंपल कपाड़िया, बेटी ट्विंकल खन्ना और दामाद अक्षय कुमार को जिम्मेदार ठहराया था। 2013 में अनीता ने घरेलू हिंसा कानून के तहत शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने मासिक गुजारा भत्ता और बांद्रा में तीन बेडरूम का फ्लैट देने की मांग भी की थी। हालांकि, 2015 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने उनकी शिकायत खारिज कर दी थी। अदालत ने कहा था कि उनका रिश्ता विवाह की प्रकृति का नहीं था, इसलिए उन्हें घरेलू हिंसा कानून के तहत राहत नहीं दी जा सकती।
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अनिल टुटेजा की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा की जमानत को चुनौती देने वाली राज्य सरकार की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। हालांकि, अदालत ने सरकार को छूट दी कि अगर जमानत की शर्तों के दुरुपयोग का कोई मामला सामने आता है, तो वह हाईकोर्ट में जमानत रद्द करने की मांग कर सकती है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची व जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में संदेह हो सकता है, लेकिन उसे ठोस सबूतों में बदलना जरूरी है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट ने जमानत देते समय जो टिप्पणियां की थीं, उनका मुकदमे की सुनवाई पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए। अनिल टुटेजा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में महत्वपूर्ण पदों पर रहे थे। वह कथित शराब घोटाले, जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) में अनियमितताओं और कोयला लेवी घोटाले समेत कई मामलों में जांच का सामना कर रहे हैं।

टुटेजा को विभिन्न भ्रष्टाचार मामलों में 24 जनवरी 2024 से जेल में रखा गया था। उन्हें बाद में अलग-अलग मामलों में जमानत मिली। हाल ही में कथित शराब घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने 10वीं पूरक आरोपपत्र दाखिल की, जिसमें 20 लोगों और 22 फर्मों को आरोपी बनाया गया है।
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