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Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने एमएमआरसीएल से कहा- पेड़ नहीं काटने के अपने वचन का पालन करे, वरना होगी कार्रवाई

Thu, 25 Aug 2022 03:27 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Thu, 25 Aug 2022 03:27 AM IST
सार

याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अनीता शेनॉय ने आरोप लगाया कि शीर्ष अदालत के आदेश के बावजूद पेड़ काटने और जमीन समतल करने का काम जारी है।

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Supreme Court told MMRCL follow its promise not to cut trees otherwise action will be taken
सर्वोच्च न्यायालय - फोटो : PTI

विस्तार

उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को मुंबई मेट्रो रेल निगम लिमिटेड (एमएमआरसीएल) को निर्देश दिया कि वह कोई पेड़ नहीं काटे जाने के अपने वचन का पालन करे। कोर्ट ने चेतावनी दी कि किसी भी तरह का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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न्यायमूर्ति यूयू. ललित की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि वह 30 अगस्त को मामले की सुनवाई करेंगे। इससे पहले, महाराष्ट्र सरकार के वकील ने दस्तावेजों को जुटाने के लिए समय मांगा था। पीठ में न्यायमूर्ति एसआर भट और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया भी शामिल थे।
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पीठ ने कहा, एमएमआरसीएल के वकील का कहना है कि उनके मुवक्किलों ने पहले ही एक हलफनामा दायर किया है कि किसी भी तरह से कोई पेड़ नहीं काटा गया है। एमएमआरसीएल निदेशक द्वारा उक्त हलफनामे को पहले ही रिकॉर्ड में ले लिया गया है और एमएमआरसीएल इसका सख्ती से पालन करने के लिए बाध्य है।
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याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अनीता शेनॉय ने आरोप लगाया कि शीर्ष अदालत के आदेश के बावजूद पेड़ काटने और जमीन समतल करने का काम जारी है। एमएमआरसीएल ने पहले उच्चतम न्यायालय को बताया था कि अक्टूबर 2019 के बाद मुंबई की आरे कॉलोनी में कोई पेड़ नहीं काटा गया है।

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