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रमन सिंह के बेटे को 'सुप्रीम' राहत, अगस्ता वेस्टलैंड केस की जांच वाली PIL खारिज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 13 Feb 2018 01:30 PM IST
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छत्तीसगढ़ में खरीदे गए वीआईपी अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर की जांच के लिए दायर पीआईएल को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। इस याचिका को कार्यकर्ता से राजनीति में आए योगेंद्र यादव की गैर सरकारी संस्था स्वराज अभियान ने दाखिल किया था।
कोर्ट के इस फैसले से छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह के बेटे को बड़ी राहत मिली है। इस फैसले के बाद सीएम रमन सिंह ने कहा कि राजनीतिक फायदे के लिए यह याचिका लगाई गई थी।
हेलिकॉप्टर की खरीदारी 2006-07 में हुई थी। बता दें कि इसी साल 31 जनवरी को हुई सुनवाई में अगस्ता वेस्टलैंड हैलिकॉप्टर खरीद फरोख्त पर कोर्ट ने एक छोटी टिप्पणी करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार से पूछा था कि खरीद-फरोख्त में हुईं गड़बड़ियों की जानकारी दें और बताएं कि इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री के बेटे की क्या भूमिका रही है।
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उल्लेखनीय है कि रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह पर 3600 करोड़ रुपये के तीन वीआईपी हेलिकॉप्टर के इस सौदे में रिश्वतखोरी के आरोप लगे थे। इस संबंध में याचिका दायर की गई थी, जिस पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान जस्टिस आदर्श गोयल और जस्टिस उदय उमेश ललित की बेंट ने ये कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि इसमें कोई तथ्य नहीं है।
कोर्ट ने राज्य की से पेश वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी से पूछा कि अभिषेक सिंह जो राज्य के मुख्यमंत्री के बेटे भी हैं उनकी इसमें रुचि क्यों थी, आप हमें यह बताइए और हमें अपने जवाब से संतुष्ट कीजिए। इसपर जेठमलानी ने कोर्ट से कहा कि अभिषेक पर लगाए गए आरोप निराधार है।
आरोपियों के पास कोई पर्याप्त सबूत नहीं है और सभी आरोप भी बेबुनियाद हैं। याचिकाकर्ता स्वराज अभियान ने याचिका कर आरोप लगाया था कि जुलाई 2008 में अभिषेक सिंह ने ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड में बैंक खाता खोला गया था जिसे एक अगस्त 2008 को सौदे में संलिप्त एक फर्म के साथ घेरे में लिया गया था।
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कोर्ट के इस फैसले से छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह के बेटे को बड़ी राहत मिली है। इस फैसले के बाद सीएम रमन सिंह ने कहा कि राजनीतिक फायदे के लिए यह याचिका लगाई गई थी।
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हेलिकॉप्टर की खरीदारी 2006-07 में हुई थी। बता दें कि इसी साल 31 जनवरी को हुई सुनवाई में अगस्ता वेस्टलैंड हैलिकॉप्टर खरीद फरोख्त पर कोर्ट ने एक छोटी टिप्पणी करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार से पूछा था कि खरीद-फरोख्त में हुईं गड़बड़ियों की जानकारी दें और बताएं कि इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री के बेटे की क्या भूमिका रही है।
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उल्लेखनीय है कि रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह पर 3600 करोड़ रुपये के तीन वीआईपी हेलिकॉप्टर के इस सौदे में रिश्वतखोरी के आरोप लगे थे। इस संबंध में याचिका दायर की गई थी, जिस पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान जस्टिस आदर्श गोयल और जस्टिस उदय उमेश ललित की बेंट ने ये कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि इसमें कोई तथ्य नहीं है।
Supreme Court dismisses PIL to probe alleged irregularities in purchase of Agusta Westland helicopters for VIPs.
— ANI (@ANI) February 13, 2018
कोर्ट ने राज्य की से पेश वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी से पूछा कि अभिषेक सिंह जो राज्य के मुख्यमंत्री के बेटे भी हैं उनकी इसमें रुचि क्यों थी, आप हमें यह बताइए और हमें अपने जवाब से संतुष्ट कीजिए। इसपर जेठमलानी ने कोर्ट से कहा कि अभिषेक पर लगाए गए आरोप निराधार है।
आरोपियों के पास कोई पर्याप्त सबूत नहीं है और सभी आरोप भी बेबुनियाद हैं। याचिकाकर्ता स्वराज अभियान ने याचिका कर आरोप लगाया था कि जुलाई 2008 में अभिषेक सिंह ने ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड में बैंक खाता खोला गया था जिसे एक अगस्त 2008 को सौदे में संलिप्त एक फर्म के साथ घेरे में लिया गया था।