{"_id":"5adf6b2a4f1c1b85028b6390","slug":"supreme-court-to-hear-shopian-firing-case-till-july-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुप्रीम कोर्ट ने शोपियां फायरिंग केस में सुनवाई 16 जुलाई तक टाली","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
सुप्रीम कोर्ट ने शोपियां फायरिंग केस में सुनवाई 16 जुलाई तक टाली
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Wed, 25 Apr 2018 04:36 AM IST
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने शोपियां फायरिंग केस में सुनवाई टाल दी है। शीर्ष अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 16 जुलाई की तारीख तय की है। इस दौरान मामले में जम्मू-कश्मीर पुलिस की जांच पर रोक रहेगी।
पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सेना के मेजर आदित्य व अन्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर जांच करने पर रोक लगा दी थी। शीर्ष अदालत ने पिछली सुनवाई के दौरान कहा था कि इस मामले में राज्य पुलिस फिलहाल 24 अप्रैल तक जांच नहीं करेगी। चीफ जस्टिस ने कहा कि ये मामला सेना के अधिकारी का है, किसी सामान्य अपराधी का नहीं है। इससे पहले केंद्र सरकार ने मेजर आदित्य के समर्थन में अर्जी दाखिल की थी।
केंद्र सरकार ने कहा कि जम्मू कश्मीर सरकार के पास ये अधिकार नहीं है कि वह बिना केंद्र सरकार की अनुमति के सेना के अफसर खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सके। वहीं जम्मू कश्मीर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि मेजर आदित्य का नाम एफआईआर में बतौर आरोपी नाम नहीं है। सिर्फ यह लिखा गया है कि वो बटालियन को लीड कर कर रहे थे। कोर्ट ने पूछा था कि क्या नाम लिया जाएगा? इस पर राज्य सरकार ने कहा था कि ये जांच पर निर्भर करता है। राज्य सरकार ने कोर्ट से मामले की जांच जारी रखने की इजाजत मांगी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सेना के मेजर आदित्य व अन्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर जांच करने पर रोक लगा दी थी। शीर्ष अदालत ने पिछली सुनवाई के दौरान कहा था कि इस मामले में राज्य पुलिस फिलहाल 24 अप्रैल तक जांच नहीं करेगी। चीफ जस्टिस ने कहा कि ये मामला सेना के अधिकारी का है, किसी सामान्य अपराधी का नहीं है। इससे पहले केंद्र सरकार ने मेजर आदित्य के समर्थन में अर्जी दाखिल की थी।
विज्ञापन
केंद्र सरकार ने कहा कि जम्मू कश्मीर सरकार के पास ये अधिकार नहीं है कि वह बिना केंद्र सरकार की अनुमति के सेना के अफसर खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सके। वहीं जम्मू कश्मीर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि मेजर आदित्य का नाम एफआईआर में बतौर आरोपी नाम नहीं है। सिर्फ यह लिखा गया है कि वो बटालियन को लीड कर कर रहे थे। कोर्ट ने पूछा था कि क्या नाम लिया जाएगा? इस पर राज्य सरकार ने कहा था कि ये जांच पर निर्भर करता है। राज्य सरकार ने कोर्ट से मामले की जांच जारी रखने की इजाजत मांगी थी।
विज्ञापन