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लालू यादव की जमानत याचिका पर 10 अप्रैल को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

Fri, 05 Apr 2019 05:14 PM IST
Gaurav Pandey भाषा, नई दिल्ली
भाषा, नई दिल्ली Published by: Gaurav Pandey Updated Fri, 05 Apr 2019 05:14 PM IST
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Supreme Court to hear Lalu Yadav's bail plea on April 10
लालू प्रसाद यादव (फाइल फोटो)

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि वह करोड़ों रुपये के चारा घोटाले से जुड़े तीन मामलों में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका पर 10 अप्रैल को सुनवाई करेगा। इन मामलों में लालू को दोषी ठहराया गया है और वह जेल में हैं। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की पीठ ने सीबीआई से इस संबंध में नौ अप्रैल तक जवाब देने को कहा है। गोगोई ने कहा कि लालू यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई बुधवार दस अप्रैल को की जाएगी।

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राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने जमानत याचिका को अविलंब सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने की मांग करते हुए कहा कि मामले में नोटिस जारी किया गया है। वहीं, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि मामले में एजेंसी को जवाब दायर करने की आवश्यकता है। पीठ ने कहा, ‘आप (सीबीआई) नौ अप्रैल तक जवाब दायर करें। हम 10 अप्रैल को मामले पर सुनवाई करेंगे।’ 
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इससे पूर्व की सुनवाई में लालू यादव ने शीर्ष अदालत से कहा था कि तीन मामलों में उन्हें सजा सुनाए जाने के बाद वह 22 महीनों से जेल में हैं। उन्होंने कहा था कि मुझे एक ही अपराध के लिए एक ही सबूत के आधार पर तीन मामलों में दोषी ठहराया गया। मैंने पहले ही जेल में 22 महीने बिता लिए हैं।
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सिब्बल ने पीठ को बताया कि प्रसाद को तीन मामलों में क्रमश: साढ़े तीन साल, 14 साल और पांच साल जेल की सजा सुनाई गई है। सिब्बल ने न्यायालय ने सवाल किया, ‘एक ही सबूत के आधार पर एक ही अपराध के लिए उन्हें तीन मामलों में कैसे दोषी ठहराया जा सकता है?’ 

इस पर न्यायालय ने सिब्बल से उन अपराधों के बारे में पूछा जिसके तहत लालू को दोषी ठहराया गया था। सिब्बल ने बताया कि लालू को भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी (आपराधिक षड्यंत्र), 420 (धोखाधड़ी) और भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की धारा 13 के तहत दोषी ठहराया गया था।’ 

इस समय रांची के बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में बंद राजद प्रमुख ने झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा 10 जनवरी को उनकी जमानत याचिका खारिज किए जाने को चुनौती दी है। 900 करोड़ रुपये से अधिक के चारा घोटाले से संबंधित तीन मामलों में प्रसाद को दोषी ठहराया गया है। ये मामले 1990 के दशक की शुरुआत में पशुपालन विभाग के कोषागार से धोखाधड़ी से धन निकालने से संबंधित हैं। उस समय झारखंड बिहार का हिस्सा था।


जिस समय कथित घोटाला हुआ था उस समय राजद बिहार में सत्ता में थी और लालू प्रसाद बिहार के मुख्यमंत्री थे। राजद प्रमुख पिछले कुछ महीने से रांची स्थित राजेंद्र चिकित्सा विज्ञान संस्थान (रिम्स) में इलाज करा रहे हैं।

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