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चेक बाउंस मामलों के निस्तारण को अतिरिक्त कोर्ट गठित करने का कानून बनाए केंद्र : शीर्ष कोर्ट
Fri, 05 Mar 2021 02:37 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 05 Mar 2021 02:37 AM IST
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supreme court
- फोटो : पीटीआई
सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को देश में चेक बाउंस के 35 लाख से अधिक मामले लंबित होने को विचित्र करार देते हुए केंद्र सरकार को इनके निपटारे के लिए अतिरिक्त कोर्ट गठित करने का कानून लाने का सुझाव दिया। कोर्ट ने कहा, ये कोर्ट कुछ सीमित अवधि के लिए ही बनाए जाएं।
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सीजेआई एसए बोबडे की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने कहा, संविधान के अनुच्छेद 247 के तहत केंद्र सरकार के पास अतिरिक्त अदालतें गठित करने का अधिकार है।
सीजेआई के साथ साथ जस्टिस एल नागेश्वर राव, जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस एस रवींद्र भट्ट की पीठ ने कहा, विलक्षण एनआई कानून के कारण बड़ी संख्या में चेक बाउंस मामले लंबे समय तक लंबित रहते हैं। केंद्र को इन मामलों के निपटारे के लिए सेवानिवृत्त जजों या विशेषज्ञों को नियुक्त करना चाहिए।
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कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को बताया कि एनआई कानून के कारण 30 फीसदी मामले लंबित हैं। कानून बनाते वक्त इसके प्रभाव का ठीक से आकलन नहीं किया गया। पीठ ने कहा, क्यों नहीं अब प्रभावों का मूल्यांकन किया कारण।
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इस पर मेहता ने कहा, यह स्वागत योग्य सुझाव है। सरकार के इसके लिए तैयार है लेकिन इस पर अभी और चर्चा की जरूरत है। पीठ ने मेहता को 10 मार्च को अगली सुनवाई तक नए कानून पर सरकार का जवाब लाने को कहा।