Supreme Court : ITC को अब नहीं देना होगा मॉडल आशना रॉय को दो करोड़ का मुआवजा; NCDRC के आदेश पर 'सुप्रीम' रोक
सुप्रीम कोर्ट का निर्देश एनसीडीआरसी के एक आदेश को चुनौती देने वाली ITC की अपील पर आया है। एनसीडीआरसी ने 21 सितंबर, 2021 को कंपनी को मुआवजे के रूप में दो करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया था।
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सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) के एक आदेश पर रोक लगा दी है। इस आदेश में एनसीडीआरसी ने आईटीसी को समूह के स्वामित्व वाले एक होटल में खराब हेयरकट के लिए एक मॉडल को दो करोड़ रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया था।
एनसीडीआरसी के आदेश के बाद आईटीसी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। आईटीसी समूह की याचिका पर जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस सुधांशु धूलिया की पीठ ने बुधवार को आदेश जारी किया। इतनी ही नहीं, पीठ ने एनसीडीआरसी के आदेश को चुनौती देने वाली आईटीसी की अपील पर मॉडल आशना रॉय को भी नोटिस जारी किया। मॉडल को नोटिस जारी करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि मुआवजे की मात्रा भौतिक साक्ष्यों पर आधारित होनी चाहिए न कि केवल मौखिक आधार पर।
सुप्रीम कोर्ट का यह निर्देश एनसीडीआरसी के एक आदेश को चुनौती देने वाली ITC की अपील पर आया है। एनसीडीआरसी ने 21 सितंबर, 2021 को कंपनी को मुआवजे के रूप में दो करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया था। इससे पहले शीर्ष अदालत ने इस साल फरवरी में एनसीडीआरसी के आदेश को रद्द कर दिया था। साथ ही उपभोक्ता पैनल को मॉडल द्वारा पेश किए गए दस्तावेजों के माध्यम से इस मुद्दे पर फिर से विचार करने के लिए कहा था।
जिसके बाद एनसीडीआरसी ने 25 अप्रैल को मॉडल आशना रॉय द्वारा पेश किए गए प्रस्तावित मॉडलिंग और अभिनय अनुबंधों के ई-मेल को देखने के बाद अपने पहले के आदेश की पुष्टि की थी। जिसके बाद शीर्ष अदालत ने उसके आदेश को खारिज कर दिया है।
2018 की घटना, मुफ्त ट्रीटमेंट की पेशकश भी स्वीकारी
यह घटना 2018 में हुई थी। आशना रॉय को एक इंटरव्यू में जाना था। लिहाजा वह 12 अप्रैल को नई दिल्ली के आईटीसी मौर्या होटल में बाल कटवाने के लिए सैलून गई। उसने अपने नियमित हेयरड्रेसर की सेवा लेनी चाही। लेकिन चूंकि वह उपलब्ध नहीं थी इसलिए दूसरे स्टाइलिस्ट को बाल काटने के लिए कहा गया। रॉय के मुताबिक, उसे साधारण बाल कटवाने थे जिसमें एक घंटे से अधिक का समय लगा और जब उसने देखा कि स्टाइलिस्ट ने उसके पूरे बालों को ऊपर से केवल चार इंच छोड़ा है। बाल मुश्किल से कंधों को छूते थे। यह देख वह सदमे में आ गई। इसके बाद उसे होटल ने मुफ्त में बालों की ट्रीटमेंट की पेशकश भी की थी। वह बहुत समझाने के बाद मान गईं। हालांकि ट्रीटमेंट के बाद उसने आरोप लगाया कि उसे सिर में खुजली और जलन होने लगी। साथ ही उसके बाल कठोर हो गए। बाद में उसने इस होटल के प्रबंधन से भी संपर्क किया लेकिन उसका कोई नतीजा नहीं निकला। रॉय का आरोप था कि उसे धमकी दी गई थी।
होटल प्रबंधन पर लगाया सेवा में कोताही का आरोपरॉय ने उसके बाद याचिका दायर कर होटल प्रबंधन पर सेवा में कोताही का आरोप हुए तीन करोड़ रुपए मुवावजे की मांग की थी। एनसीडीआरसी ने उसे दो करोड़ रुपया मुआवजा देने का आदेश दिया था। आयोग ने आईटीसी होटल को चिकित्सीय लापरवाही का दोषी ठहराया। आयोग ने आदेश में कहा था कि बाल कट जाने से उसने अपना भावी काम खो दिया और उसे एक बड़ा नुकसान हुआ, जिसने उसकी जीवन शैली को पूरी तरह से बदल दिया और उसके सपने को चकनाचूर कर दिया।