{"_id":"5acb5ebc4f1c1b496b8b4991","slug":"supreme-court-slams-centre-government-over-cauvery-disdute","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कावेरी विवाद: SC ने केंद्र को लगाई फटकार, कहा- 3 मई तक पेश करें योजना का मसौदा","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
कावेरी विवाद: SC ने केंद्र को लगाई फटकार, कहा- 3 मई तक पेश करें योजना का मसौदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 09 Apr 2018 06:27 PM IST
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- फोटो : social media
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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए कावेरी नदी के पानी के बंटवारे के लिए योजना तैयार करने का निर्देश जारी किया है। केंद्र सरकार को कावेरी मैनेजमेंट बोर्ड (सीएमबी) के बनाए जाने का जिम्मा सौंपे जाने के फैसले पर अमल न किए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को खरी-खरी सुनाई।
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सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि केंद्र सरकार को इस केस में दिए गए उसके फैसलों का पालन करना चाहिए। कोर्ट ने अपने निर्देश में कहा कि केंद्र सरकार 3 मई तक योजना का मसौदा तैयार करें। वहीं तमिलनाडु सरकार ने कहा कि मसौदा योजना एक महीने में तैयार की जानी चाहिए।
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बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को कावेरी विवाद के संबंध में एक योजना तैयार करने के लिए छह सप्ताह का समय दिया था। 29 मार्च को समय-सीमा समाप्त हो चुकी है।
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क्या है कावेरी जल विवाद
कावेरी नदी का विवाद पानी को लेकर है जिसका उद्गम स्थल कर्नाटक के कोडागु जिले में है। लगभग साढ़े सात सौ किलोमीटर लंबी ये नदी कुशालनगर, मैसूर, श्रीरंगपट्ट्नम, त्रिरुचिरापल्ली, तंजावुर और मइलादुथुरई जैसे शहरों से गुजरती हुई तमिलनाडु में बंगाल की खाड़ी में गिरती है।
इसके बेसिन में कर्नाटक का 32 हजार वर्ग किलोमीटर और तमिलनाडु का 44 हजार वर्ग किलोमीटर का इलाका शामिल है। कर्नाटक और तमिलनाडु, दोनों ही राज्यों का कहना है कि उन्हें सिंचाई के लिए पानी की जरूरत है और इसे लेकर दशकों के उनके बीच लड़ाई जारी है। बारिश की कमी की शिकायत के साथ कर्नाटक सरकार बीच-बीच में पानी बंद करती रही है जिससे तमिलनाडु में सूखे जैसा हालात उत्पन्न हो जाता है।
पिछले साल सितंबर में तमिलनाडु सरकार ने विवाद के बाद सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राज्य को आदेश दिया था कि वह कावेरी नदी का पानी तमिलनाडु के लिए भी रिलीज करे। सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक को निर्देश दिया था कि वह तमिलनाडु को 10 दिनों के अंदर 15000 क्यूसेक पानी सप्लाई करे ताकि वहां के किसानों को राहत मिल सके।
इसके बेसिन में कर्नाटक का 32 हजार वर्ग किलोमीटर और तमिलनाडु का 44 हजार वर्ग किलोमीटर का इलाका शामिल है। कर्नाटक और तमिलनाडु, दोनों ही राज्यों का कहना है कि उन्हें सिंचाई के लिए पानी की जरूरत है और इसे लेकर दशकों के उनके बीच लड़ाई जारी है। बारिश की कमी की शिकायत के साथ कर्नाटक सरकार बीच-बीच में पानी बंद करती रही है जिससे तमिलनाडु में सूखे जैसा हालात उत्पन्न हो जाता है।
पिछले साल सितंबर में तमिलनाडु सरकार ने विवाद के बाद सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राज्य को आदेश दिया था कि वह कावेरी नदी का पानी तमिलनाडु के लिए भी रिलीज करे। सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक को निर्देश दिया था कि वह तमिलनाडु को 10 दिनों के अंदर 15000 क्यूसेक पानी सप्लाई करे ताकि वहां के किसानों को राहत मिल सके।