{"_id":"63b38017aec901739326c1c1","slug":"supreme-court-seeks-pending-cases-status-before-hcs-against-state-laws-regulating-conversion-through-marriages","type":"story","status":"publish","title_hn":"Conversion: शादी के जरिए धर्मांतरण मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, हाईकोर्ट में लंबित मामलों की मांगी जानकारी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Conversion: शादी के जरिए धर्मांतरण मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, हाईकोर्ट में लंबित मामलों की मांगी जानकारी
Tue, 03 Jan 2023 06:38 AM IST
गुलाम अहमद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गुलाम अहमद
Updated Tue, 03 Jan 2023 06:38 AM IST
सार
प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ ने अपनी रजिस्ट्री को हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली गुजरात सरकार की अपील की स्थिति से भी अवगत कराने को कहा। गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य के धार्मिक स्वतंत्रता कानून 2003 के धारा 5 के संचालन पर रोक लगा दी थी।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : Social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अंतरधार्मिक विवाहों के चलते धर्म परिवर्तन को विनियमित करने वाले विवादास्पद राज्यों के कानूनों को चुनौती देने विभिन्न हाईकोर्ट के समक्ष लंबित मामलों की स्थिति की जानकारी मांगी। शीर्ष अदालत ने कहा कि यदि सभी मामले एक समान प्रकृति के हैं तो यह उन सभी को अपने पास स्थानांतरित कर सकता है।
विज्ञापन
प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ ने अपनी रजिस्ट्री को हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली गुजरात सरकार की अपील की स्थिति से भी अवगत कराने को कहा। गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य के धार्मिक स्वतंत्रता कानून 2003 के धारा 5 के संचालन पर रोक लगा दी थी। इसमें विवाह के जरिये धर्मांतरण के लिए जिला मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति जरूरी थी। पीठ ने एनजीओ ‘सिटीजंस फॉर जस्टिस एंड पीस’ और उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड तथा हिमाचल प्रदेश को विवाह के जरिये धर्मांतरण पर राज्य के कानूनों को चुनौती देने वाले मामलों की स्थिति से अवगत कराने को कहा।
विज्ञापन
शुभेंदु के खिलाफ एफआईआर के लिए हाईकोर्ट जाए
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पश्चिम बंगाल की मंत्री बीरबाहा हांसदा की कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई से इन्कार कर दिया, जिसमें कोर्ट की पूर्व अनुमति के बिना भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने पर रोक लगा दी गई है।
विज्ञापन
सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ ने तृणमूल कांग्रेस नेता से कलकत्ता हाईकोर्ट जाने को कहा, जहां इसी तरह के एक मामले पर 10 जनवरी को सुनवाई निर्धारित है। हांसदा की तरफ से पेश वकील कपिल सिब्बल ने अदालत से कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ राज्य सरकार ने अलग याचिका दायर की है और उन्होंने इस याचिका पर भी उसी के साथ सुनवाई करने का अनुरोध किया। एजेंसी