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सांसदों-विधायकों के लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी दें राज्य: सुप्रीम कोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Thu, 13 Sep 2018 04:37 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट
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सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा व चंडीगढ सहित 25 राज्य व केंद्रशासित प्रदेशों को यह बताने के लिए कहा है कि उनके यहां सांसद व विधायकों पर कितने आपराधिक मामले लंबित है। साथ ही शीर्ष अदालत ने इन राज्य व केंद्रशासित प्रदशों को इन मामलों का निपटारा करने के लिए स्पेशल कोर्ट के गठन के बारे में जानकारी देने केलिए कहा है। मालूम हो कि ऐसे मामलों केनिपटारे केलिए अब तक दिल्ली में दो स्पेशल कोर्ट जबकि उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलंगना, कर्नाटक, केरल, बिहार, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में एक स्पेशल कोर्ट का गठन किया गया है।
न्यायमूर्ति रंजन गोगई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय वाली पीठ ने बुधवार को पाया कि 25 राज्य व केंद्रशासित प्रदेशों में एक भी स्पेशल कोर्ट नहीं है। न ही इन राज्यों ने अब तक विधि विभाग को जानकारी दी है कि उनके यहां सांसद व विधायकों पर कितने मामले लंबित हैं। पीठ ने इन राज्यों के मुख्य सचिवों और संबंधित हाईकोर्ट केरजिस्ट्रार जनरल को पूर्व अदालती आदेशों के तहत विस्तृत जानकारी देने के लिए कहा है। पीठ ने यह भी कहा कि वह अपने आदेशों के अनुपालन को लेकर निगरानी करेगी।
सुनवाई केदौरान याचिकाकर्ता भाजपा नेता अश्विनी कुमार उपाध्याय की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सजन पूवैया ने पीठ से कहा कि वर्ष 2014 में दिए गए चुनावी हलफनामे के मुताबिक, सांसद व विधायकों के खिलाफ 1581 मरमजे जंबित थे। लेकिन वर्ष 2014 केबाद का कोई आकड़ा उपलब्ध नहीं कराया गया है। अगली सुनवाई 10 अक्टूबर को होगी।
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न्यायमूर्ति रंजन गोगई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय वाली पीठ ने बुधवार को पाया कि 25 राज्य व केंद्रशासित प्रदेशों में एक भी स्पेशल कोर्ट नहीं है। न ही इन राज्यों ने अब तक विधि विभाग को जानकारी दी है कि उनके यहां सांसद व विधायकों पर कितने मामले लंबित हैं। पीठ ने इन राज्यों के मुख्य सचिवों और संबंधित हाईकोर्ट केरजिस्ट्रार जनरल को पूर्व अदालती आदेशों के तहत विस्तृत जानकारी देने के लिए कहा है। पीठ ने यह भी कहा कि वह अपने आदेशों के अनुपालन को लेकर निगरानी करेगी।
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सुनवाई केदौरान याचिकाकर्ता भाजपा नेता अश्विनी कुमार उपाध्याय की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सजन पूवैया ने पीठ से कहा कि वर्ष 2014 में दिए गए चुनावी हलफनामे के मुताबिक, सांसद व विधायकों के खिलाफ 1581 मरमजे जंबित थे। लेकिन वर्ष 2014 केबाद का कोई आकड़ा उपलब्ध नहीं कराया गया है। अगली सुनवाई 10 अक्टूबर को होगी।
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