फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   supreme court says complete failure in implementing 2016 rules on solid waste management in delhi

Supreme Court: ठोस कचरा प्रबंधन को लेकर 2016 के नियम लागू नहीं होने से सुप्रीम कोर्ट नाराज, दिए अहम निर्देश

Sun, 17 Nov 2024 02:35 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Sun, 17 Nov 2024 02:35 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव को इस मुद्दे पर सभी हितधारकों की बैठक बुलाने और इस पर चर्चा करने का निर्देश दिया है। 

विज्ञापन
supreme court says complete failure in implementing 2016 rules on solid waste management in delhi
Supreme Court - फोटो : ANI

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ठोस कचरे के प्रबंधन को लेकर नाराजगी जाहिर की और कहा कि ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2016 को लागू करने में एजेंसियां पूरी तरह विफल रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव को इस मुद्दे पर सभी हितधारकों की बैठक बुलाने और इस पर चर्चा करने का निर्देश दिया है। 
विज्ञापन


शीर्ष अदालत ने किया आगाह
शीर्ष अदालत ने कहा कि यह बहुत अहम है कि 2016 के नियमों को राजधानी दिल्ली में सही तरीके से लागू किया जाए। न्यायमूर्ति अभय एस ओक और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने 11 नवंबर को पारित अपने आदेश में कहा, 'अगर हमें पता चला कि सभी प्राधिकरण इस मुद्दे पर साथ नहीं आते हैं और हमें 2016 के नियमों के कार्यान्वयन के लिए समय-सीमा नहीं बताते हैं, तो हमें कठोर आदेश जारी करने पड़ सकते हैं। 
विज्ञापन


अदालत ने हालात को लेकर जताई चिंता
अदालत ने ये भी कहा कि सभी हितधारकों को 2016 के नियमों के अनुपालन की रिपोर्ट भी कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया। अदालत ने बैठक आयोजित कर प्रतिक्रिया साझा करने की समय सीमा 13 दिसंबर तय की है। पीठ ने कहा कि 'जैसा कि हम अन्य मामलों में भी देख रहे हैं, 2016 के नियम कागजों पर ही रह गए हैं। अगर दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 2016 के नियमों को लागू करने में पूरी तरह से विफलता है, तो देश के अन्य भागों के शहरों में क्या हो रहा होगा, इसकी कल्पना ही की जा सकती है। पीठ ने इस मामले पर अगली सुनवाई 16 दिसंबर तय की है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या है मामला
दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण के मामले पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है। सुनवाई के दौरान दिल्ली एनसीआर में ठोस कचरे के प्रबंधन का मुद्दा उठा। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने 18 अक्टूबर को सर्वोच्च न्यायालय को बताया था कि 2026 तक वह राष्ट्रीय राजधानी में प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले 11,000 टन ठोस कचरे के प्रसंस्करण की अपनी क्षमता को पार कर जाएगा। 26 जुलाई को, शीर्ष अदालत ने राष्ट्रीय राजधानी में ठोस कचरा प्रबंधन नियमों के खराब कार्यान्वयन पर अपनी चिंता व्यक्त की थी और कहा था कि दिल्ली में प्रतिदिन 3,000 टन से अधिक ठोस कचरा अनुपचारित रह जाता है, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। सर्वोच्च न्यायालय ने एमसीडी को फटकार लगाई थी और कहा था कि राष्ट्रीय राजधानी में प्रतिदिन 11,000 टन से अधिक ठोस कचरा पैदा होता है, जबकि प्रसंस्करण संयंत्रों की दैनिक क्षमता केवल 8,073 टन है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed