फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court said- State government is not responsible for Crime over drug addiction

सुप्रीम कोर्ट ने पलटा हाईकोर्ट का फैसला, शराब के नशे में अपराध के लिए अब राज्य सरकार जिम्मेदार नहीं

Sun, 07 Jul 2019 07:01 AM IST
Nilesh Kumar राजीव सिन्हा, नई दिल्ली
राजीव सिन्हा, नई दिल्ली Published by: Nilesh Kumar Updated Sun, 07 Jul 2019 07:01 AM IST
विज्ञापन
Supreme Court said- State government is not responsible for Crime over drug addiction
सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि शराब के नशे में होने वाले अपराध के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। शीर्ष अदालत ने यह टिप्पणी करते हुए मद्रास हाईकोर्ट के एक फैसले का एक अंश रिकॉर्ड से हटाने के निर्देश दिए। इस फैसले में कहा गया था कि राज्य सरकार अपनी कंपनी के जरिए शराब की बिक्री करती है। इस कारण शराब के नशे में होने वाले अपराधों के लिए राज्य सरकार को प्रवर्तक (उकसाने वाला) माना जाना चाहिए।

विज्ञापन


जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस दिनेश माहेश्वरी की पीठ के समक्ष तमिलनाडु के एडिशनल एडवोकेट जनरल (एएजी) बालाजी श्रीनिवासन ने कहा कि खुदकुशी के एक मामले में अग्रिम जमानत की व्यक्तिगत याचिका को हाईकोर्ट की एकल पीठ ने मनमाने तरीके से जनहित याचिका मानते हुए विचार किया। 
विज्ञापन


बीते 26 मार्च को हाईकोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि शराब के नशे में होने वाले अपराधों के लिए सरकार को भारतीय दंड संहिता की धारा-107 (अपराध के लिए उकसाना) के तहत जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने यह भी कहा था कि सरकार अपने लोगों को शराब बेचती है, ऐसे में शराब के कारण प्रतिकूल प्रभाव पड़ने पर वह पल्ला नहीं झाड़ सकती। सरकार को ऐसे अपराधों में बढ़ोतरी के लिए जिम्मेदार माना जाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


सरकार ने हाईकोर्ट की इस टिप्पणी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। सरकार की तरफ से पेश एएजी ने कहा कि क्या सड़क दुर्घटना के लिए वाहन निर्माता या कैंसर के लिए सिगरेट बनाने वाली कंपनियों को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है? इस पर सुप्रीम कोर्ट ने भी माना कि हाईकोर्ट की एकल पीठ ने अपने क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर काम किया है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट की इस टिप्पणी को रिकॉर्ड से हटाने के निर्देश जारी कर दिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed