{"_id":"626b10daf17d9d08af01f915","slug":"supreme-court-said-on-the-matter-of-recruitment-to-telecom-technical-assistant-posts-in-bsnl","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुप्रीम कोर्ट: आरक्षित अभ्यर्थी की मेरिट सामान्य से बेहतर तो सामान्य कोटे का ही हकदार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
सुप्रीम कोर्ट: आरक्षित अभ्यर्थी की मेरिट सामान्य से बेहतर तो सामान्य कोटे का ही हकदार
Fri, 29 Apr 2022 03:40 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 29 Apr 2022 03:40 AM IST
सार
पीठ ने कहा कि जब आरक्षित श्रेणी के दो अभ्यर्थियों को सामान्य श्रेणी में नियुक्त किया जाएगा, तो इस पर विवाद खड़ा नहीं होना चाहिए कि पहले से काम कर रहे सामान्य श्रेणी के दो व्यक्तियों को निकाल दिया गया।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है अगर आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थी की मेरिट अंतिम पायदान के सामान्य अभ्यर्थी से बेहतर है, तो वह सामान्य श्रेणी में सीट पाने का हकदार है। इस परिस्थिति में आरक्षित श्रेणी का अभ्यर्थी, सामान्य वर्ग यानी अनारक्षित श्रेणी में सीट की दावेदारी कर सकता है।
विज्ञापन
वर्ष 2008 में राजस्थान में बीएसएनएल में टेलीकॉम टेक्निकल असिस्टेंट के पदों पर भर्ती निकाली गई थी। अन्य आरक्षित वर्ग (ओबीसी) के एक अभ्यर्थी ने याचिका दायर कर कहा था कि ओबीसी के दो अभ्यर्थियों की मेरिट सामान्य श्रेणी में आखिरी पायदान के अभ्यर्थी से अधिक है, इसलिए इन दोनों अभ्यर्थियों को सामान्य श्रेणी में नियुक्ति होनी चाहिए। उसके बाद जो जगह खाली हो, उसे आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों से भरा जाए।
विज्ञापन
जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ ने कहा कि जब आरक्षित श्रेणी के दो अभ्यर्थियों को सामान्य श्रेणी में नियुक्त किया जाएगा, तो इस पर विवाद खड़ा नहीं होना चाहिए कि पहले से काम कर रहे सामान्य श्रेणी के दो व्यक्तियों को निकाल दिया गया। चूंकि वे काफी समय से काम कर रहे हैं, इसलिए उन्हें न निकाला जाए और आरक्षित श्रेणी की खाली सीटों पर आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों को ही नियुक्त किया जाए।
विज्ञापन
इससे पहले जोधपुर के केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (सीएटी) ने ओबीसी के जिन दो अभ्यर्थियों की मेरिट सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों से अधिक थी, उन्हें सामान्य श्रेणी में नियुक्त करने के साथ ही आरक्षित श्रेणी की खाली सीटों को आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों से भरने के आदेश दिए थे।
न्यायाधिकरण के इस फैसले के खिलाफ बीएसएनएल ने हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की थी, जहां उसकी याचिका खारिज हो गई। जिसके बाद बीएसएनएल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।