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सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी: वर्दीधारी सेवा में कर्मचारी का छल बर्दाश्त नहीं, राजस्थान में कांस्टेबल भर्ती से जुड़ा है मामला
Thu, 12 May 2022 06:37 AM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 12 May 2022 06:37 AM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान में कांस्टेबल भर्ती में अपने खिलाफ लंबित आपराधिक मामले की जानकारी नहीं देने पर आवेदन रद्द किये जाने को सही ठहराया। कोर्ट ने कहा कि एक कांस्टेबल से उम्मीद की जाती है कि वह कानून व्यवस्था को कायम रखे। उसे ईमानदार, भरोसेमंद होना चाहिए।
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सर्वोच्च न्यायालय
- फोटो : PTI
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वर्दीधारी सेवाओं में कर्मचारी से उच्च स्तर की ईमानदारी की उम्मीद की जाती है। उसे कानून का पालन करना जरूरी है और उसके द्वारा किसी तरह के छल को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। शीर्ष अदालत ने बुधवार को इस टिप्पणी के साथ ही राजस्थान में कांस्टेबल भर्ती में अपने खिलाफ लंबित आपराधिक मामले की जानकारी नहीं देने पर आवेदन रद्द किये जाने को सही ठहराया।
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जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस बीवी नागरत्ना ने हाईकोर्ट के खिलाफ राजस्थान सरकार की याचिका को मंजूरी दे दी। राजस्थान हाईकोर्ट ने मार्च 2020 में एकल पीठ के उस आदेश को बरकरार रखा था जिसमें सरकार को याचिकाकर्ता की कांस्टेबल भर्ती पर विचार करने का निर्देश दिया था।
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा, एक कांस्टेबल से उम्मीद की जाती है कि वह कानून व्यवस्था को कायम रखे। उसे ईमानदार, भरोसेमंद होना चाहिए। इस मामले में असली रिट याचिकाकर्ता इन जरूरतों पर खरा नहीं उतरता। उसने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों के साक्ष्य छिपाये, जिसे किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इसलिए संबंधित अधिकारी द्वारा उसका आवेदन खारिज करने का फैसला बिलकुल सही है। राज्य सरकार को इसे भर्ती करने पर विचार की जरूरत नहीं है।
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