फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court reserves judgement on plea filed by AG Perarivalan serving life imprisonment in connection with the assassination of former PM Rajiv Gandhi

सुप्रीम कोर्ट: राजीव गांधी की हत्या के मामले में उम्रकैद काट रहे दोषी की समयपूर्व रिहाई की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा

Wed, 11 May 2022 04:40 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Wed, 11 May 2022 04:40 PM IST
सार

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे एक दोषी एजी पेरारिवलन की समयपूर्व रिहाई की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया।

विज्ञापन
Supreme Court reserves judgement on plea filed by AG Perarivalan serving life imprisonment in connection with the assassination of former PM Rajiv Gandhi
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : amar ujala

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या से जुड़े मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे एजी पेरारिवलन की समयपूर्व रिहाई की मांग करने वाली याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया। पेरारिवलन ने अपनी याचिका में तमिलनाडु सरकार की ओर से सितंबर 2018 में की गई सिफारिश को आधार बनाया है। 

विज्ञापन


वर्दीधारी सेवा में कर्मी के किसी भी छल को बर्दाश्त नहीं कर सकते: सुप्रीम कोर्ट
एक अन्य मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा, वर्दीधारी सेवाओं में कर्मचारी से उच्च स्तर की ईमानदारी की उम्मीद की जाती है। उसे कानून का पालन करना जरूरी है और उसके द्वारा किसी तरह के छल को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। शीर्ष अदालत ने बुधवार को इस टिप्पणी के साथ ही राजस्थान में कांस्टेबल की भर्ती में अपने खिलाफ लंबित आपराधिक मामले की जानकारी नहीं देने पर आवेदन रद्द किये जाने को सही ठहराया। 
विज्ञापन


नोएडा सीईओ की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली
वहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट के गैर जमानती वारंट के खिलाफ न्यू ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण (नोएडा) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रितु माहेश्वरी की याचिका पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई टल गई। माहेश्वरी की याचिका जस्टिस अब्दुल एस नजीर और जस्टिस कृष्ण मुरारी की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध थी। जैसे ही मामले की सुनवाई शुरू हुई जस्टिस नजीर ने कहा, जस्टिस कृष्ण मुरारी इस मामले की सुनवाई से अलग रहना चाहते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed