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Supreme Court: दिल्ली रिज वन क्षेत्र को बचाने के लिए अदालत ने केंद्र व राज्य सरकार को फटकारा, दिए ये निर्देश
Wed, 06 Aug 2025 08:17 PM IST
हिमांशु चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Wed, 06 Aug 2025 08:17 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : एएनआई
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सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली रिज क्षेत्र से जुड़े मामलों पर गंभीर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी को एकीकृत तंत्र तैयार करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि दिल्ली रिज से जुड़ी समस्याओं का समाधान अब टुकड़ों में नहीं, बल्कि समन्वित तरीके से होना चाहिए। यह टिप्पणी दिल्ली रिज की पर्यावरणीय महत्ता और लगातार जारी अतिक्रमण व पेड़ कटाई के मामलों को देखते हुए की गई।
मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई, न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन और न्यायमूर्ति एन. वी. अंजारिया की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि सुप्रीम कोर्ट पिछले दो वर्षों से इस मामले की निगरानी कर रहा है लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। कोर्ट ने कहा कि यह आखिरी मौका दिया जा रहा है कि सभी संबंधित पक्ष एक मंच पर आकर एक व्यवस्था तैयार करें जिससे पेड़ कटाई की अनुमति जैसे मुद्दों पर एकरूपता से निर्णय लिया जा सके।
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मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई, न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन और न्यायमूर्ति एन. वी. अंजारिया की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि सुप्रीम कोर्ट पिछले दो वर्षों से इस मामले की निगरानी कर रहा है लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। कोर्ट ने कहा कि यह आखिरी मौका दिया जा रहा है कि सभी संबंधित पक्ष एक मंच पर आकर एक व्यवस्था तैयार करें जिससे पेड़ कटाई की अनुमति जैसे मुद्दों पर एकरूपता से निर्णय लिया जा सके।
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