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पोंगल पर इस बार नहीं होगा जलीकट्टू, सुप्रीम कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 12 Jan 2017 01:01 PM IST
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जलीकट्टू
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जलीकट्टू पर लगे प्रतिबंध को हटाने के उठ रही मांगों के बीच सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को इसपर अंतरिम फैसला सुरक्षित रख लिया है। बताते चलें कि सांडों की दौड़ पर रोक हटाने के लिए तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। वहीं, सुप्रीम कोर्ट से यह भी मांग की गई थी कि इस मुद्दे को लेकर अदालत ने जो आदेश सुरक्षित कर रखा है, उस पर शनिवार से पहले आदेश सुना दिया जाए।
एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जलीकट्टु का ड्राफ्ट बनकर तैयार है। लेकिन, यह संभव नहीं है कि इस पर शनिवार को होने वाले पोंगल त्योहार से पहले फैसला सुना दिया जाए। बताते चलें कि पोंगल के मौके पर ही जलीकट्टू का आयोजन होता है।
दो दिन पहले ही तमिलनाडु सरकार ने केंद्र सरकार से मांग की थी कि वह इस साल यह खेल जारी रहने के लिए एक अध्यादेश जारी करे। इसके जवाब में केंद्र ने कहा था कि वह इस मुद्दे पर तब स्टैंड ले सकते हैं जब मामले में सुप्रीम कोर्ट फैसला सुना दे। जबकि एपेक्स कोर्ट समाज के सेंटीमेंट को ध्यान में रखते हुए मामले पर सुनवाई कर रही थी।
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एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जलीकट्टु का ड्राफ्ट बनकर तैयार है। लेकिन, यह संभव नहीं है कि इस पर शनिवार को होने वाले पोंगल त्योहार से पहले फैसला सुना दिया जाए। बताते चलें कि पोंगल के मौके पर ही जलीकट्टू का आयोजन होता है।
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दो दिन पहले ही तमिलनाडु सरकार ने केंद्र सरकार से मांग की थी कि वह इस साल यह खेल जारी रहने के लिए एक अध्यादेश जारी करे। इसके जवाब में केंद्र ने कहा था कि वह इस मुद्दे पर तब स्टैंड ले सकते हैं जब मामले में सुप्रीम कोर्ट फैसला सुना दे। जबकि एपेक्स कोर्ट समाज के सेंटीमेंट को ध्यान में रखते हुए मामले पर सुनवाई कर रही थी।
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2014 में कोर्ट ने लगाई थी रोक
फाइल फोटो
- फोटो : SELF
सुप्रीम कोर्ट ने 2014 में जल्लीकट्टू पर रोक लगाई थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने 8 जनवरी को अधिसूचना जारी कर जल्लीकट्टू पर लगे प्रतिबंध को हटा लिया था। हालांकि, इस अधिसूचना में कुछ प्रतिबंध भी लगाए गए थे।
इसके बाद पशु कल्याण बोर्ड, पीपुल्स फॉर एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स, एक एनजीओ सहित कुछ लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में अधिसूचना को चुनौती दी थी। इसके बाद याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अधिसूचना पर रोक लगा दी थी।
इसके बाद पशु कल्याण बोर्ड, पीपुल्स फॉर एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स, एक एनजीओ सहित कुछ लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में अधिसूचना को चुनौती दी थी। इसके बाद याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अधिसूचना पर रोक लगा दी थी।