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हैदराबाद केस: पहचान उजागर करने में केंद्र को नोटिस, फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के भी आदेश
Thu, 05 Dec 2019 07:09 AM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनवर अंसारी
Updated Thu, 05 Dec 2019 07:09 AM IST
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delhi high court
दिल्ली हाई कोर्ट ने कुछ मीडिया प्रतिष्ठानों द्वारा हैदराबाद दुष्कर्म पीड़िता की पहचान उजागर किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर बुधवार को केंद्र से जवाब मांगा है। उधर, तेलंगाना सरकार ने भी इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्अ बनाने के आदेश दे दिए हैं।
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मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ ने केंद्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और दिल्ली की सरकारों के साथ ही कुछ मीडिया प्रतिष्ठानों और सोशल नेटवर्किंग मंचों को भी नोटिस जारी किए। इन सभी को 16 दिसंबर तक नोटिस के जवाब देने हैं।
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याचिका में मीडिया प्रतिष्ठानों और उन व्यक्तियों के खिलाफ उचित कार्रवाई शुरू करने का अनुरोध किया गया है जिन्होंने बलात्कार पीड़िता की पहचान कथित तौर पर उजागर की है। किसी बलात्कार पीड़िता की पहचान उजागर करना कानूनन अपराध है। इस मामले में अब 16 दिसंबर को आगे सुनवाई होगी।
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भारतीय दंड संहिता की धारा 228 ए, दुष्कर्म समेत कुछ अपराधों के पीड़ित की पहचान को उजागर करना दंडनीय बनाती है जिनके लिए दो साल तक की कैद और जुर्माने की सजा मिल सकती है।
यह याचिका दिल्ली के वकील यशदीप चहल ने दायर की है। याचिका में कहा गया है कि इसका मकसद आईपीसी की धाराओं और उच्चतम न्यायालय की नजीरों का उल्लंघन करते हुए दुष्कर्म पीड़िताओं की पहचान उजागर करने के चलन पर रोक लगाना है।
उन्होंने कहा कि व्यक्तियों और मीडिया प्रतिष्ठानों द्वारा हैदराबाद बलात्कार कांड की पीड़िता और चार आरोपियों की पहचान उजागर करने पर विस्तृत खबरें विभिन्न ऑनलाइन एवं ऑफलाइन पोर्टल पर प्रकाशित-प्रसारित कर धारा 228 ए का घोर उल्लंघन किया गया है।
अधिवक्ता चिराग मदान और साई कृष्ण कुमार के जरिए दायर इस याचिका में आरोप लगाया है कि पीड़िता और आरोपी व्यक्तिों की पहचान लगातार उजागर करने को रोक पाने में राज्य पुलिस अधिकारियों और उनके साइबर प्रकोष्ठों ने निष्क्रियता दिखाई है। तेलंगाना में 27 नवंबर की रात चार व्यक्तियों ने 27 वर्षीय महिला पशु चिकित्सक से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी थी।
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हैदराबाद कांड की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी
तेलंगाना सरकार ने महिला पशु चिकित्सक से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का आदेश दिया। सरकार ने महबूबनगर जिले में प्रथम अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश की अदालत को विशेष अदालत के तौर पर नामित किया। मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने रविवार को इस मामले की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की थी।