SC: हिजाब पर प्रतिबंध के हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई कल, छात्रों ने दायर की है याचिका
याचिका में कहा गया है कि ड्रेस कोड की वजह से अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वकील ने कहा कि कल से कॉलेजों में यूनिट टेस्ट शुरू हो रहे हैं। ऐसे में तुरंत इस मामले पर सुनवाई की जानी चाहिए।
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याचिका में कहा गया है कि ड्रेस कोड की वजह से अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वकील ने कहा कि कल से कॉलेजों में यूनिट टेस्ट शुरू हो रहे हैं। ऐसे में तुरंत इस मामले पर सुनवाई की जानी चाहिए। इस पर पीठ ने कहा कि उन्होंने 9 अगस्त को सुनवाई के लिए याचिका को सूचीबद्ध कर दिया है। गौरतलब है कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने कॉलेजों में हिजाब और बुर्के पर प्रतिबंध को बरकरार रखा था और चेंबूर ट्रॉम्बे एजुकेशन सोसाइटी के एन जी आचार्य और डी के मराठे कॉलेज द्वारा प्रतिबंध लगाने के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि ऐसे नियम छात्रों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं करते हैं।
शीर्ष अदालत ने एनसीपीसीआर के निर्देशों को लेकर राज्यों से जवाब मांगा
देश की सर्वोच्च अदालत ने राज्य सरकारों से बाल यौन शोषण के पीड़ितों के लिए ’सहायता कर्मियों’ की नियुक्ति को लेकर जवाब मांगा है। आपको बता दें कि राष्ट्रीय बाल अधिकार सुरक्षा आयोग (एनसीपीसीआर) ने बाल यौन शोषण पीड़ितों के हितों के लिए कुछ दिशा-निर्देश जारी किए थे। शीर्ष अदालत में न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति एन कोटिस्वर सिंह की पीठ ने कहा है कि मामले की अगली सुनवाई 22 अक्तूबर को होगी। पीठ ने राज्यों को एनसीपीसीआर के दिशा-निर्देशों को लेकर अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।