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यूपी के 1.72 लाख गेस्ट टीचर्स की किस्मत का 'सुप्रीम' फैसला 5 को
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Wed, 28 Jun 2017 12:05 PM IST
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सु्प्रीम कोर्ट
- फोटो : SELF
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उत्तर प्रदेश शिक्षा मित्र मामले पर सुप्रीम कोर्ट 5 जुलाई को अपना फैसला सुना सकता है। इस फैसले पर करीब एक लाख 72 हजार शिक्षा मित्रों का भविष्य टिका हुआ है। न्यायमूर्ति आदर्श गोयल और न्यायमूर्ति यूयू ललित की पीठ ने 17 मई को इनके सहायक शिक्षकों के तौर पर समायोजन का फैसला सुरक्षित रख लिया था।
शिक्षा मित्रों के वकीलों की दलील थी कि ये वर्षों से पढ़ा रहे हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से राहत की गुहार लगाई कि मानवीय आधार पर सहायक शिक्षक के तौर पर शिक्षा मित्रों को जारी रखा जाए। सहायक शिक्षक बने करीब 22 हजार शिक्षा मित्र ऐसे हैं जिनके पास वांछनीय योग्यता हैं।
वकीलों का कहना था कि राज्य में शिक्षकों की कमी को ध्यान में रखते हुए शिक्षा मित्रों की नियुक्ति हुई थी। उम्र के इस पड़ाव में उनके साथ मानवीय रवैया अपनाया जाना चाहिए। मालूम हो कि 12 सितंबर 2015 को हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के इन शिक्षा मित्रों का सहायक शिक्षक के तौर पर समायोजन को निरस्त कर दिया था। बाद में इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी।
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शिक्षा मित्रों के वकीलों की दलील थी कि ये वर्षों से पढ़ा रहे हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से राहत की गुहार लगाई कि मानवीय आधार पर सहायक शिक्षक के तौर पर शिक्षा मित्रों को जारी रखा जाए। सहायक शिक्षक बने करीब 22 हजार शिक्षा मित्र ऐसे हैं जिनके पास वांछनीय योग्यता हैं।
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वकीलों का कहना था कि राज्य में शिक्षकों की कमी को ध्यान में रखते हुए शिक्षा मित्रों की नियुक्ति हुई थी। उम्र के इस पड़ाव में उनके साथ मानवीय रवैया अपनाया जाना चाहिए। मालूम हो कि 12 सितंबर 2015 को हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के इन शिक्षा मित्रों का सहायक शिक्षक के तौर पर समायोजन को निरस्त कर दिया था। बाद में इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी।
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