{"_id":"636be91896f9262be3518ad5","slug":"supreme-court-lists-pleas-on-2016-demonetization-for-november-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Supreme Court: नोटबंदी पर इस साल सुनवाई खत्म करना चाहता है कोर्ट, 24 नवंबर तक याचिकाओं को सूचीबद्ध किया","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Supreme Court: नोटबंदी पर इस साल सुनवाई खत्म करना चाहता है कोर्ट, 24 नवंबर तक याचिकाओं को सूचीबद्ध किया
Wed, 09 Nov 2022 11:29 PM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 09 Nov 2022 11:29 PM IST
सार
पीठ ने स्थगन की अनुमति देते हुए स्पष्ट किया कि सरकार और आरबीआई को एक सप्ताह के भीतर अपना हलफनामा जमा करना होगा। अगली सुनवाई 24 नवंबर को होगी।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने नोटबंदी पर सुनवाई टालने की केंद्र की मांग को शर्मनाक बताया। हालांकि जस्टिस एस अब्दुल नजीर की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमनी के अनुरोध पर मामले में सुनवाई को 24 नवंबर तक स्थगित कर दिया। अटॉर्नी जनरल ने मामले में एक व्यापक हलफनामा दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा और पिछले निर्देश का पालन नहीं होने पर पीठ से माफी मांगी।
विज्ञापन
पीठ ने कहा, आम तौर पर संविधान पीठ इस तरह से कभी भी स्थगित नहीं होती है। हम कभी ऐसे नहीं उठते। यह कोर्ट के लिए भी बहुत शर्मनाक है। अटॉर्नी जनरल ने भी कहा, यह उनके लिए भी शर्मनाक है। याचिकाकर्ताओं के वकील विवेक नारायण शर्मा और अन्य का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ वकील श्याम दीवान ने कहा, यह संविधान पीठ के समक्ष कभी भी स्वीकृत प्रथा नहीं रही है। उन्होंने स्थगन अनुरोध का विरोध किया।
विज्ञापन
दीवान ने कहा, संविधान पीठ से स्थगन के लिए कहना बेहद असामान्य है। याचिकाकर्ताओं को बहस करने की अनुमति दी जानी चाहिए और आरबीआई व केंद्र सरकार हलफनामे दाखिल करने के लिए अपना समय ले सकते हैं। पीठ ने स्थगन की अनुमति देते हुए स्पष्ट किया कि सरकार और आरबीआई को एक सप्ताह के भीतर अपना हलफनामा जमा करना होगा। अगली सुनवाई 24 नवंबर को होगी। 500 और 1000 रुपए के नोटों को प्रचलन से बाहर करने के केंद्र के 2016 के नोटबंदी के फैसले को चुनौती देने से संबंधित 50 से अधिक याचिकाएं संविधान पीठ के समक्ष रखी गई हैं।
विज्ञापन