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चिंता: न्यायमूर्ति उमेश ललित ने कहा- चाइल्ड पोर्नोग्राफी पर ध्यान दिया जाना चाहिए
Mon, 08 Nov 2021 06:52 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 08 Nov 2021 06:52 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित,उदय उमेश ललित, उमेश ललित, Justice Uday Umesh Lalit, Umesh Lalit
- फोटो : ani
बच्चों के अधिकारों को लेकर एक संवाद कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित ने कहा कि सिर्फ बाल तस्करी और बाल शोषण ही नहीं, चाइल्ड पोर्नोग्राफी एक ऐसी चीज है जिस पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
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उन्होंने कार्यक्रम में कहा कि मुझे एक न्यायाधीश के रूप में एक मामले से निपटने का अवसर मिला, जब इंटरनेट सेवा प्रदाताओं ने मुझे बताया कि उनका अपने प्लेटफॉर्म पर नियंत्रण में नहीं है।
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न्यायाधीश ललित ने आगे कहा कि इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (आईएसपी) ने कहा कि वे 72 घंटे में आपत्तिजनक सामग्री हटा सकते हैं। लेकिन इस अवधि में, पीड़ित की प्रतिष्ठा इतनी कमजोर हो सकती है कि यह फिर से हासिल नहीं की सकती है। हमारे पास कानूनी तंत्र होना चाहिए, जिसके जरिए आपत्तिजनक इंटरनेट सामग्री निपटा जा सके।
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सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश और नालसा के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित ने समाज में बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए सभी संबंधित भूमिकाओं पर जोर दिया। साथ ही कहा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास और उनके अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।