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Supreme Court: शरद पवार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस; अजित गुट को असली NCP करार देने का मामला
Mon, 19 Feb 2024 04:24 PM IST
अभिषेक दीक्षित
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Mon, 19 Feb 2024 04:24 PM IST
सार
इससे पहले 15 फरवरी को महाराष्ट्र की सियासत में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायकों की अयोग्यता पर फैसला हुआ था। विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने मामले में आदेश सुनाया था। राहुल नार्वेकर ने अपने आदेश में कहा था कि अजित पवार गुट ही 'असली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी' है। निर्णय विधायी बहुमत पर आधारित था।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने दिग्गज नेता शरद पवार की याचिका पर सोमवार को सुनवाई की। इस दौरान कोर्ट ने अजित पवार गुट को 'असली' राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के तौर पर मान्यता देने के भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) के आदेश के खिलाफ नोटिस जारी किया। नोटिस अजित पवार गुट को जारी किया गया है और उनसे जवाब मांगा गया है।
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कोर्ट ने कहा कि शरद पवार गुट को पार्टी का नाम ‘राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार’ देने का निर्वाचन आयोग का फैसला अगले आदेश तक जारी रहेगा। इसके साथ ही कोर्ट ने पार्टी चिह्न आवंटित करने के लिए शरद पवार को निर्वाचन आयोग का रुख करने की अनुमति दी। कोर्ट ने चुनाव आयोग को आवेदन दाखिल करने के एक सप्ताह के भीतर आवंटन करने का निर्देश भी दिया।
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विधानसभा अध्यक्ष ने भी चुनाव आयोग के फैसले का हवाला दिया था
इससे पहले 15 फरवरी को महाराष्ट्र की सियासत में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायकों की अयोग्यता पर फैसला हुआ था। विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने मामले में आदेश सुनाया था। राहुल नार्वेकर ने अपने आदेश में कहा था कि अजित पवार गुट ही 'असली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी' है। निर्णय विधायी बहुमत पर आधारित था। ऐसे में अजित गुट को अयोग्य नहीं ठहरा सकते।
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महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष ने कहा था कि जुलाई 2023 में जब पार्टी में दो गुट उभरे तो अजित पवार के नेतृत्व वाला समूह ही असली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी थी। नार्वेकर ने आगे कहा कि विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग वाली सभी याचिकाएं खारिज की जाती हैं। दरअसल, पार्टी में टूट के बाद उपमुख्यमंत्री अजित पवार और उनके चाचा शरद पवार के नेतृत्व वाले विरोधी गुटों ने अयोग्यता याचिकाएं दायर की थीं।
शिंदे सरकार में शामिल हुए थे अजित पवार
महाराष्ट्र में नवंबर 2019 में महा विकास अघाड़ी (एमवीए) की सरकार बनी थी। इसके घटक दल राकांपा, शिवसेना और कांग्रेस थे, लेकिन 2022 में एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद यह सरकार गिर गई और शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और भाजपा की सरकार सत्ता में आई। इसके बाद राकांपा के अजित पवार और आठ विधायक भी पिछले साल जुलाई में सरकार में शामिल हो गए थे।
दो फाड़ हो गई थी शरद पवार की पार्टी
इस घटनाक्रम के बाद शरद पवार की बनाई गई पार्टी राकांपा दो फाड़ हो गई। शरद पवार खेमे ने अजित पवार गुट में शामिल होने वाले पांच विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग करते हुए याचिकाएं दायर कीं थीं, जबकि प्रतिद्वंद्वी गुट ने पार्टी संस्थापक के पक्ष के तीन विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग की थी।
इनको अयोग्य करार देने की मांग
विधान परिषद के आठ सदस्यों सतीश चव्हाण, अनिकेत तटकरे, विक्रम काले, अमोल मितकारी, रामराजे नाइक निंबालकर (अजित पवार खेमे से) और एकनाथ खडसे, शशिकांत शिंदे और अरुण लाड (शरद पवार गुट से) को अयोग्य ठहराए जाने की मांग की गई थी।