SC: संजय कपूर संपत्ति विवाद में सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप, पूर्व सीजेआई चंद्रचूड़ करेंगे सुलह की कोशिश
दिवंगत उद्योगपति और सोना ग्रुप के मालिक संजय कपूर की मौत बाद उनकी संपत्ति को लेकर लगातार विवाद हो रहा था। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपनी हस्तक्षेप किया है। कोर्ट ने पूर्व सीजेआई चंद्रचूड़ को इस मामले में मध्यस्थ नियुक्त किया है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट
विस्तार
दिवंगत उद्योगपति और सोना ग्रुप के मालिक संजय कपूर की मौत के बाद शुरू हुआ करोड़ों की संपत्ति और फैमिली ट्रस्ट का विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। लंबे समय से अदालतों में चल रही इस कानूनी लड़ाई को सुलझाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। अदालत ने देश के पूर्व सीजेआई डी. वाई. चंद्रचूड़ को इस मामले में मध्यस्थ नियुक्त किया है।
बातचीत से विवाद खत्म करने की करें कोशिश
इस मध्यस्थता प्रक्रिया के लिए परिवार के सभी पक्षों ने अपनी सहमति दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर यह मामला इसी तरह अदालतों में चलता रहा, तो इसे सुलझने में कई दशक लग सकते हैं, इसलिए अब अदालत चाहती है कि परिवार आपसी बातचीत और समझौते के जरिए इस विवाद को खत्म करने की कोशिश करे।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सभी पक्षों को सख्त निर्देश भी दिए। अदालत ने कहा कि अब इस विवाद को लेकर कोई भी पक्ष मीडिया में बयान नहीं देगा और न ही सोशल मीडिया पर इस मामले से जुड़ी कोई बात पोस्ट करेगा। कोर्ट अब इस मामले की अगली सुनवाई अगस्त में करेगा।
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क्या है मामला?
दरअसल, यह पूरा मामला संजय कपूर की मौत के बाद उनकी संपत्ति, फैमिली ट्रस्ट और विरासत को लेकर शुरू हुआ था। संजय कपूर की मां रानी कपूर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर फैमिली ट्रस्ट को रद्द करने की मांग की। उनका आरोप है कि यह ट्रस्ट उनकी जानकारी और अनुमति के बिना बनाया गया था। रानी कपूर का कहना है कि इस ट्रस्ट के जरिए परिवार की संपत्तियों और विरासत पर कब्जा करने की कोशिश की गई। उन्होंने अदालत से मांग की कि जब तक मामले का अंतिम फैसला नहीं हो जाता, तब तक संपत्तियों के ट्रांसफर और किसी भी तरह की बिक्री पर यथास्थिति बनाए रखी जाए।
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इससे पहले की सुनवाई में भी सुप्रीम कोर्ट ने संजय कपूर की पत्नी प्रिया कपूर को नोटिस जारी किया था। उस सुनवाई में भी अदालत ने दोनों पक्षों को सलाह दी थी कि वे मध्यस्थता के जरिए समाधान निकालने की कोशिश करें। इस विवाद में प्रिया कपूर और रानी कपूर के अलावा अभिनेत्री करिश्मा कपूर और उनके बच्चों समायरा कपूर और कियान कपूर का नाम भी सामने आ चुका है। करिश्मा कपूर ने अपने बच्चों की ओर से उत्तराधिकार से जुड़ा मामला दायर किया था। वहीं रानी कपूर ने दावा किया कि उनके दिवंगत पति डॉ. सुरिंदर कपूर की पूरी संपत्ति की वह इकलौती कानूनी उत्तराधिकारी हैं। उनका कहना है कि साल 2017 में कथित रूप से कई अवैध लेन-देन के जरिए उनकी संपत्तियों को फैमिली ट्रस्ट में डाल दिया गया।
रानी कपूर ने क्या आरोप लगाया?
रानी कपूर ने यह भी आरोप लगाया था कि जब वह स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं, तब उनसे कई दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए गए, जिनमें कुछ दस्तावेज खाली थे और उन्हें पूरी जानकारी दिए बिना साइन करवाए गए। उन्होंने अपने बेटे संजय कपूर और बहू प्रिया कपूर पर बीमारी का फायदा उठाकर संपत्ति ट्रांसफर करने का आरोप लगाया था। दूसरी ओर प्रिया कपूर ने इन आरोपों को गलत बताया और परिवार के कुछ सदस्यों के खिलाफ मानहानि का मामला भी दायर किया। उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई।
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