फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court heard Ayodhya Matter, Mediation committee submits its report to judges

15 अगस्त तक टली अयोध्या मामले की सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता समिति को दिया तीन महीने का समय

Fri, 10 May 2019 10:51 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Fri, 10 May 2019 10:51 AM IST
विज्ञापन
Supreme Court heard Ayodhya Matter, Mediation committee submits its report to judges
सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

उच्चतम न्यायालय में शुक्रवार को पांच जजों की संवैधानिक पीठ ने अयोध्या मामले की सुनवाई की। पांच जजों की पीठ का नेतृत्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने किया जिसमें न्यायमूर्ति एसए बोबडे, एसए नजीर, अशोक भूषण और डीवाई चंद्रचूड़ शामिल थे। मध्यस्थता समिति ने अपनी रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में जजों को सौंपी। सकारात्मक समाधान के लिए मध्यस्थता समिति ने अदालत से 15 अगस्त तक का समय मांगा जो उसे मिल गया। अब मामले की अगली सुनवाई 15 अगस्त के बाद होगी।

विज्ञापन

 
तीन सदस्यों वाली मध्यस्थता समिति ने अदालत से और समय मांगा ताकि इस मामले का सौहार्दपूर्ण समाधान निकाला जा सके। जिसके बाद अदालत ने उन्हें 15 अगस्त तक का समय दे दिया। मुख्य न्यायाधीश ने कहा, 'हम आपको यह नहीं बताने वाले हैं कि क्या प्रगति हुई है, यह गोपनीय है।'
विज्ञापन
विज्ञापन


पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने तीन सदस्यों वाली एक मध्यस्थता समिति का गठन किया था। जिसकी अध्यक्षता अदालत के पूर्व जज जस्टिस एफएम आई कलीफुल्ला कर रहे हैं। आठ मार्च को उच्चतम न्यायालय ने मध्यस्थता समिति को आठ हफ्ते में अपनी रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा था।

आठ मार्च को इस मामले के पक्षकार निर्मोही अखाड़े को छोड़ लगभग सभी हिन्दू पक्षकारों व उत्तर प्रदेश सरकार के विरोध के बावजूद उच्चतम न्यायालय ने करीब 70 साल पुराने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद का हल निकालने के मध्यस्थता को चुना था। जस्टिस कलीफुल्ला की अध्यक्षता वाली इस समिति में अध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर और मध्यस्थता विशेषज्ञ वरिष्ठ वकील श्रीराम पंचू हैं। 


पीठ ने कहा था कि इस विवाद का समाधान निकालने के लिए मध्यस्थता करने में किसी तरह की रुकावट नहीं है। पीठ ने मध्यस्थता के लिए फैजाबाद को चुना था। पैनल को आठ हफ्ते में काम पूरा करने का निर्देश दिया गया था। मध्यस्थता की कार्यवाही बंद कमरे में करने का निर्देश दिया गया था। 


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed