{"_id":"66752fb842b25386300f86ff","slug":"supreme-court-grants-interim-bail-to-maheh-raut-in-bhima-koregaon-case-2024-06-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"SC: भीमा कोरेगांव मामले में आरोपी महेश राउत को मिली अंतरिम जमानत, दादी के अंतिम संस्कार में होंगे शामिल","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
SC: भीमा कोरेगांव मामले में आरोपी महेश राउत को मिली अंतरिम जमानत, दादी के अंतिम संस्कार में होंगे शामिल
Fri, 21 Jun 2024 01:37 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 21 Jun 2024 01:37 PM IST
सार
महेश राउत को 26 जून से लेकर 10 जुलाई तक की रिहाई दी गई है। एनआईए की विशेष अदालत ने महेश राउत की अंतरिम जमानत की शर्तें तय की हैं।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भीमा कोरेगांव मामले में आरोपी महेश राउत को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने महेश राउत को दादी के देहांत के बाद उनके अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल होने के लिए 10 दिन की अंतरिम जमानत दी है। महेश राउत को 26 जून से लेकर 10 जुलाई तक की रिहाई दी गई है। एनआईए की विशेष अदालत ने महेश राउत की अंतरिम जमानत की शर्तें तय की हैं।
एनआईए की वजह से याचिका पर सुनवाई में हुई देरी
महेश राउत ने दादी के अंतिम संस्कार संबंधी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत देने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। राउत की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस पीवी संजय कुमार और जस्टिस एजी मसीह की अवकाश पीठ ने एनआईए की अपील पर मामले की सुनवाई 21 जून तक स्थगित कर दी थी। एनआईए ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा था। अब सुप्रीम कोर्ट ने राउत की याचिका पर सुनवाई कर उन्हें राहत देने का आदेश दिया। महेश राउत को साल 2018 के भीमा कोरेगांव हिंसा में कथित माओवादियों के साथ संबंध रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
महेश राउत को सितंबर 2023 में बॉम्बे कोर्ट से जमानत मिल गई थी क्योंकि प्रथम दृष्टया महेश राउत के खिलाफ कोई सबूत नहीं था, लेकिन हाईकोर्ट ने जमानत पर रोक लगा दी और फिर सुप्रीम कोर्ट ने भी जमानत पर रोक को बरकरार रखा। बता दें कि साल 2018 में पुणे में एल्गार परिषद का आयोजन किया गया। पुलिस का आरोप है कि सम्मेलन के दौरान भड़काऊ भाषण दिए गए। इसके चलते अगले दिन पुणे में भीमा-कोरेगांव में हिंसा भड़क गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
एनआईए की वजह से याचिका पर सुनवाई में हुई देरी
महेश राउत ने दादी के अंतिम संस्कार संबंधी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत देने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। राउत की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस पीवी संजय कुमार और जस्टिस एजी मसीह की अवकाश पीठ ने एनआईए की अपील पर मामले की सुनवाई 21 जून तक स्थगित कर दी थी। एनआईए ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा था। अब सुप्रीम कोर्ट ने राउत की याचिका पर सुनवाई कर उन्हें राहत देने का आदेश दिया। महेश राउत को साल 2018 के भीमा कोरेगांव हिंसा में कथित माओवादियों के साथ संबंध रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
विज्ञापन
महेश राउत को सितंबर 2023 में बॉम्बे कोर्ट से जमानत मिल गई थी क्योंकि प्रथम दृष्टया महेश राउत के खिलाफ कोई सबूत नहीं था, लेकिन हाईकोर्ट ने जमानत पर रोक लगा दी और फिर सुप्रीम कोर्ट ने भी जमानत पर रोक को बरकरार रखा। बता दें कि साल 2018 में पुणे में एल्गार परिषद का आयोजन किया गया। पुलिस का आरोप है कि सम्मेलन के दौरान भड़काऊ भाषण दिए गए। इसके चलते अगले दिन पुणे में भीमा-कोरेगांव में हिंसा भड़क गई।
विज्ञापन