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SC: भारत में हिंदुत्व की रक्षा के लिए दिशा-निर्देश देने की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका

Fri, 10 Nov 2023 01:43 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Fri, 10 Nov 2023 01:43 PM IST
सार

कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा आप कुछ करते हैं या आप कुछ बनाते हैं तो कोई भी आपको नहीं रोक रहा है लेकिन आप ये नहीं कह सकते कि सभी ऐसा करें। 

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Supreme court dismisses plea seeking guidelines for hinduism protection news updates
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को भारत में हिंदुत्व की रक्षा के लिए दिशा-निर्देश देने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। याचिका में मांग की गई थी कि सुप्रीम कोर्ट इस संबंध में केंद्र सरकार को निर्देश दे। जस्टिस संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिका को लेकर कहा कोई कहेगा इस्लाम की रक्षा करें तो कोई कहेगा कि ईसाई धर्म की रक्षा करें। 

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पीठ में जस्टिस संजय किशन कौल के अलावा जस्टिस सुधांशु धुलिया और जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्ला भी शामिल रहे। याचिका उत्तर प्रदेश के एक व्यक्ति ने दायर की थी। कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा आप कुछ करते हैं या आप कुछ बनाते हैं तो कोई भी आपको नहीं रोक रहा है लेकिन आप ये नहीं कह सकते कि सभी ऐसा करें। इसके बाद कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। 
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कारोबारी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने व्यवसायी अभिषेक बोइनपल्ली द्वारा दायर उस याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय से जवाब मांगा है, जिसमें एजेंसी द्वारा उसकी गिरफ्तारी की वैधता को चुनौती दी गई है। व्यवसायी को कथित दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में गिरफ्तार किया गया है। 
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जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एसवीएन भट्टी की पीठ ने ईडी को नोटिस जारी किया और 20 नवंबर तक एजेंसी से जवाब मांगा। अदालत दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ बोइनपल्ली की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उसकी गिरफ्तारी की वैधता को चुनौती देने वाली उसकी याचिका खारिज कर दी गई थी। बोइनपल्ली ने धनशोधन रोकथाम (पीएमएलए) की धारा 19 का पालन नहीं करने के आधार पर उच्च न्यायालय में अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी थी।


बोइनपल्ली की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने शीर्ष अदालत के एक हालिया फैसले का हवाला दिया और कहा कि ईडी को आरोपियों को गिरफ्तारी के कारणों के बारे में लिखित में बताना चाहिए। शीर्ष अदालत ने कहा कि वह सुनवाई की अगली तारीख पर बोइनपल्ली की जमानत याचिका के साथ इस मामले पर सुनवाई करेगी, जिसमें 11 अगस्त को नोटिस जारी किया गया था।
 

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