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Hindi News ›   India News ›   Supreme Court directs Himachal Pradesh Government to disburse compensation for land used for road construction in 1972 1973 news in Hindi

सुप्रीम कोर्ट: हिमाचल सरकार को 1972-73 में सड़क निर्माण के लिए उपयोग की गई जमीन के लिए मुआवजा देने का निर्देश

Wed, 06 Apr 2022 09:43 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Wed, 06 Apr 2022 09:43 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तथ्य यह बताते हैं कि राज्य सरकार ने मनमाने और गुपचुप तरीके से मुआवजे के वितरण को कानूनी रूप से केवल कुछ लोगों तक सीमित रखने की कोशिश की है और सभी हकदार लोगों को मुआवजा नहीं दिया है।

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Supreme Court directs Himachal Pradesh Government to disburse compensation for land used for road construction in 1972 1973 news in Hindi
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : amar ujala

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश की सरकार को निर्देश दिया है कि साल 1972-73 में सड़क निर्माण के लिए इस्तेमाल की गई कुछ जमीनों को अधिग्रहण के तौर पर माने और उचित तरीके से इन जमीनों के लिए मुआवजा वितरित करे। शीर्ष अदालत ने बुधवार को कहा कि यह स्पष्ट है कि राज्य की कार्रवाई ने जमीन मालिकों के साथ हुए अन्याय को बढ़ाया है। 

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न्यायाधीश एसआर भट और पीएस नरसिम्हा की पीठ ने कहा कि मामले के तथ्य यह बताते हैं कि राज्य सरकार ने मनमाने और गुपचुप तरीके से मुआवजे के वितरण को कानूनी रूप से केवल उन्हीं लोगों तक सीमित रखने की कोशिश की है, जिनके लिए अदालत ने विशेष तौर पर प्रोत्साहित किया था, न कि उन सभी लोगों के लिए जो मुआवजे के हकदार थे।
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पीठ ने यह फैसला हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के एक निर्णय के खिलाफ दायर अपील पर सुनाया। हाईकोर्ट ने अपीलकर्ता की ओर से दायर रिट याचिका को कानून के अनुसार दीवानी मुकदमा दायर करने की स्वतंत्रता के साथ निपटाया था। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने इस याचिका को अनुमति दे दी और मुआवजे का भुगतान करने का आदेश दिया। 
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अपीलकर्ताओं के मौलिक अधिकारों की अवहेलना को देखते हुए, जिसके चलते उन्हें इस अदालत का रुख करना पड़ा और बेदखली के अधिनियम के दशकों बाद प्राप्त हुए उपाय के मद्देनजर हम राज्य सरकार को कानूनी लागत और अपीलकर्ताओं को 50 हजार रुपये के खर्च का भुगतान करने का निर्देश देना भी जरूरी समझते हैं।

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