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10 फीसदी आरक्षण के केंद्र सरकार के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट का रोक लगाने से इनकार
Sat, 09 Feb 2019 02:37 AM IST
अमर शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Sat, 09 Feb 2019 02:37 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट ने सामान्य वर्ग के गरीबों को नौकरी व शैक्षणिक संस्थानों में 10 फीसदी आरक्षण संबंधी केंद्र सरकार के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। यह दूसरी बार है जब सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह इस पर रोक नहीं लगाएगा। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ शुक्रवार को तहसीन पूनावाला की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें संशोधित अधिनियम की वैधता को चुनौती दी गई है।
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याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील राजीव धवन ने पीठ से कहा कि 10 फीसदी आरक्षण के बाद आरक्षण 50 फीसदी से बढ़ जाएगा। उल्लेखनीय है कि एम नागराज मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण की अधिकतम सीमा 50 फीसदी निर्धारित की थी। धवन ने अंतरिम राहत की गुहार लगाई, जिसे पीठ ने ठुकरा दिया, लेकिन इस मामले पर जल्द सुनवाई के लिए तैयार हो गई।
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उल्लेखनीय है कि याचिकाओं में संविधान (103वें) संशोधन अधिनियम-2019 की वैधता को चुनौती दी है, जिसे संसद के दोनों सदनों ने बतौर 124वें संविधान संशोधन विधेयक-2019 के तौर पर पारित कर दिया था। याचिकाओं में कहा गया कि इस संविधान संशोधन में अनुच्छेद 14 (समानता) और 16 (भेदभाव नहीं) पर विचार नहीं किया गया है, जो समानता का मूल तत्व है।
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