अनुच्छेद 370: बड़ी बेंच के पास नहीं भेजा जाएगा केस, पांच जजों की पीठ ही करेगी सुनवाई
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उच्चतम न्यायालय सोमवार को अनुच्छेद 370 पर दायर हुई याचिकाओं को सात जजों की बड़ी पीठ के पास भेजने से इनकार कर दिया है। पांच जजों की पीठ ही इस मामले की सुनवाई करेगी। याचिकाओं में पिछले साल पांच अगस्त के केंद्र के अनुच्छेद 370 को हटाने के फैसले की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को रद्द किए जाने की वैधता को चुनौती देनी वाली याचिकाओं को सात न्यायाधीशों की वृहद पीठ को भेजने का कोई कारण नहीं है।
Supreme Court refuse to refer to a larger bench a batch of pleas, challenging the constitutional validity of Centre's 5th August 2019 decision of abrogating provisions of Article 370. pic.twitter.com/5fXTRDBRcZ
— ANI (@ANI) March 2, 2020विज्ञापन
वर्तमान में पांच जजों की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। जिसकी अध्यक्षता न्यायमूर्ति एनवी रमन्ना कर रहे हैं। उन्होंने 23 जनवरी को इस मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। याचिका का विरोध करते हुए केंद्र ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लेने के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचा था।
एनजीओ पीपुल्स यूनियन ऑफ सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल), जम्मू और कश्मीर हाई कोर्ट बार एसोसिएशन और हस्तक्षेपकर्ता ने मामले को बड़ी पीठ के पास भेजने के लिए कहा है। उन्होंने यह मांग सर्वोच्च अदालत के दो फैसले के आधार पर की है।