फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court cancels parole of Subrata Roy, asks to surrender in a week

सहारा प्रमुख की बढ़ी मुसीबतें, हफ्ते भर में जा सकते हैं जेल

Sat, 24 Sep 2016 05:01 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 24 Sep 2016 05:01 AM IST
विज्ञापन
Supreme Court cancels parole of Subrata Roy, asks to surrender in a week
सुब्रत राय सहारा - फोटो : file photo

मई से पैरोल पर जेल से बाहर आए सहारा प्रमुख सुब्रत राय सहारा पर एक बार फिर मुसीबत में घिरते नजर आ रहे हैं। शुक्रवार को सुबह सहारा के एक वकील की दलील से नाराज सुप्रीम कोर्ट ने तो उन्हें जेल में वापस भेजने का निर्देश दे दिया लेकिन दोपहर में वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल द्वारा पहले वकील द्वारा कही गई बातों पर माफी मांगने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपने इस आदेश को फिलहाल स्थगित कर दिया। अब सहारा प्रमुख के पैरोल का फैसला अगले बुधवार को होगा। सुब्रत राय को एक हफ्ते में समर्पण करने को कहा गया है।

विज्ञापन


चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ केसमक्ष सुब्रत राय सहारा और कंपनी के दो अन्य निदेशकों के पैरोल की अवधि बढ़ाने को लेकर शुक्रवार सुबह सुनवाई होनी थी। आमतौर पर सुब्रत राय की पैरवी वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल करते हैं लेकिन उनकी तबियत ठीक न होने केकारण शुक्रवार को उनकी पैरवी वरिष्ठ वकील राजीव धवन कर रहे थे।
विज्ञापन


पीठ सहारा प्रमुख केपैरोल बढ़ाने को तैयार थी और सुनवाई तीन अक्टूबर तक टालने करने को तैयार थी। इसी दौरान सेबी की ओर से पेश वकील ने पीठ से शिकायत की कि सहारा ने नीलामी करने के लिए अपनी संपत्तियों की जो सूची दी है उनमें वैसी भी संपत्तियां हैं जो कुर्क हो चुकी हैं। जिस पर पीठ ने सेबी से कहा कि जो भी संपत्ति हो उसे बेचा जाए और निवेशकों को रकम वापस करने की व्यवस्था की जाए। इस पर वरिष्ठ वकील धवन ने कहा यह उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि बिना हमारा पक्ष सुनने सेबी को यह निर्देश नहीं दिया जाना चाहिए। इस बात से नाराज पीठ ने कहा, ‘अगर आप चाहते हैं कि आपको भी सुना जाए तो पहले आपको जेल जाना होगा।’ जवाब में धवन ने कहा ‘पीठ की यह टिप्पणी बहुत अनुचित है। आखिर पीठ ऐसा कैसे कह सकती है। हमने आपके निर्देश के मुताबिक, 352 करोड़ रुपये जमा कराए। पीठ को ऐसा नहीं कहना चाहिए।’

विज्ञापन
विज्ञापन

सिब्बल बने संकटमोचक

Supreme Court cancels parole of Subrata Roy, asks to surrender in a week
‌कपिल सिब्बल - फोटो : file photo

धवन का यह कहना चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर को बेहद नागवार गुजरा। चीफ जस्टिस ने कहा, ‘आप मुझे यह न बताइए कि हमें क्या करना चाहिए। हमें पता है क्या सही और क्या नहीं। आपकी सूची में कुर्क की गई संपत्तियां भी हैं। आप सहयोग नहीं कर रहे हैं और हमसे कह रहे हैं कि हम सही नहीं कर रहे हैं। अच्छा होगा आप वापस जेल चले जाएं।’ पीठ ने यह कहते हुए सहारा प्रमुख और समूह केदो निदेशकों के पैरोल के तौर पर मिली अंतरिम राहत खत्म कर दी है और उन्हें जेल जाने का निर्देश दे दिया।

इस आदेश केबाद सहारा समूह के अधिकारियों और उनकी लीगल टीम ने अस्वस्थ सिब्बल को फोन कर स्थिति को संभालने का आग्रह किया। उसकेबाद सिब्बल सुप्रीम कोर्ट पहुंचे और करीब डेढ़ बजे उन्होंने चीफ जस्टिस से सुबह में हुए वाकये को लेकर माफी मांगी। उन्होंने कहा कि धवन भविष्य में इस मामले में कभी बहस नहीं करेंगे। सिब्बल के आग्रह करने केबाद चीफ जस्टिस ने कहा कि वह अपने साथी जजों से बात कर फैसला देंगे। करीब चार बजे चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय विशेष पीठ ने सहारा प्रमुख को एक हफ्ते में समर्पण करने का वक्त दिया। हालांकि पीठ ने 28 सितंबर को पैरोल निरस्त करने में बदलाव करने की याचिका पर सुनवाई करने का निर्णय लिया है।

चीफ जस्टिस ने राजीव धवन की टिप्पणी पर कहा कि अगर हम भी किसी केखिलाफ कुछ अप्रिय टिप्पणी करते हैं तो बाद में हमें भी दुख होता है। चीफ जस्टिस ने कहा ‘हम आप लोगों से बहुत अधिक सम्मान करने के लिए नहीं कहते लेकिन संस्थान का सम्मान तो होना ही चाहिए। हो सकता है कोई व्यक्ति अच्छा वक्ता व स्कॉलर हो लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि वह ऊंची आवाज में बात करें और जजों पर धौंस जमाने की कोशिश करें। यह स्वीकार नहीं किया जा सकता।’

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed