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राफेल पर सरकार को मिली राहत, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- डील में कोई कमी नहीं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 14 Dec 2018 05:57 AM IST
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rafale fighter jets
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राफेल सौदे पर लगातार विपक्ष के आरोपों का सामना कर रही मोदी सरकार को आज उच्चतम न्यायालय से राहत मिली है। न्यायालय ने 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को लेकर फ्रांस के साथ हुए सौदे की जांच अदालत की निगरानी में कराने की मांग वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है।
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ममाले पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने कहा कि प्रक्रिया में विशेष कमी नहीं रही है और केंद्र के 36 विमान खरीदने के फैसले पर सवाल उठाना सही नहीं है। न्यायालय का कहना है कि विमान की क्षमता में कोई कमी नहीं है।
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उच्चतम न्यायालय ने कहा, 'हम पूरी तरह से संतुष्ट है कि राफेल सौदे की प्रक्रिया में कोई कमी नहीं रही। देश को सामरिक रूप से सक्षम रहना आवश्यक है। अदालत के लिए अपीलकर्ता प्राधिकारी के रूप में बैठना और सभी पहलुओं की जांच करना संभव नहीं है। हमें ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे साबित होता हो कि इस सौदे में किसी के व्यापारिक हित साधे गए हों।'
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मामले की सुनवाई मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने की। न्यायमूर्ती रंजन गोगोई ने कहा, 'ऑफसेट पार्टनर और व्यक्तियों की धारणा का चयन करने में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं है। यह रक्षा खरीद के संवेदनशील मुद्दे में पूछताछ का कारण नहीं हो सकता है। हम 126 एयरक्राफ्ट खरीदने के लिए सरकार को मजबूर नहीं कर सकते हैं और अदालत के लिए इस मामले के हर पहलू की जांच करने के लिए उचित नहीं है। मूल्य निर्धारण विवरण की तुलना करना अदालत का काम नहीं है।'
राफेल सौदे को लेकर विपक्षी दलों ने मोदी सरकार के खिलाफ पिछले कई महीनों से मोर्चा खोल रखा है। इस लिहाज से उच्चतम न्यायालय का यह फैसला काफी अहम है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस केएम जोसफ की पीठ शुक्रवार को राफेल सौदे पर अपना फैसला सुनाया। विपक्ष ने आरोप लगाया गया था कि यह सौदा एक कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया और सौदे में तय प्रक्रिया का उल्लंघन किया गया।
CJI Ranjan Gogoi says 'we can't compel government to purchase 126 aircrafts and its not proper for the court to examine each aspect of this case. It isn't a job of court to compare pricing details.' #RafaleDeal https://t.co/DWHMCpqIRa
— ANI (@ANI) December 14, 2018