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क्यों न हो उर्दू भाषा में परीक्षा: सुप्रीम कोर्ट
Updated Sat, 04 Mar 2017 04:52 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : ANI
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एमबीबीएस और बीडीएस कोर्स में दाखिले के लिए आयोजित होने वाली नेशनल इलिजिबिलिटी इंटरेंस टेस्ट(नीट) में उर्दू माध्यम से परीक्षा देने की गुहार संबंधी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया(एमसीआई) को नोटिस जारी किया है।
न्यायमूर्ति कूरियन जोसफ और न्यायमूर्ति आर भानूमति की पीठ ने केंद्र और एमसीआई के अलावा डेंटल कौंसिल ऑफ इंडिया और सीबीएसई से पूछा है कि क्यों नहीं उर्दू माध्यम से नीट देने की इजाजत मिलनी चाहिए। याचिका स्टूडेंट्स इस्लामिक ऑरग्नाइजेशन (एसआईओ) की ओर से दायर की गई है। अगली सुनवाई 10 मार्च को होगी।
याचिकाकर्ता एसआईओ की ओर से पेश वकील ने पीठ को बताया कि महाराष्ट्र और तेलगंना ने एमसीआई को पहले ही जानकारी दे दी है कि नीट परीक्षा में उर्दू माध्यम से भी परीक्षा देने की इजाजत होगी। मालूम हो कि फिलहाल हिन्दी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी, गुजराती, उड़ीया, बंग्ला, असमी, तेलगू, तमिल और कन्नड माध्यम में नीट परीक्षा देने का प्रावधान है।
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न्यायमूर्ति कूरियन जोसफ और न्यायमूर्ति आर भानूमति की पीठ ने केंद्र और एमसीआई के अलावा डेंटल कौंसिल ऑफ इंडिया और सीबीएसई से पूछा है कि क्यों नहीं उर्दू माध्यम से नीट देने की इजाजत मिलनी चाहिए। याचिका स्टूडेंट्स इस्लामिक ऑरग्नाइजेशन (एसआईओ) की ओर से दायर की गई है। अगली सुनवाई 10 मार्च को होगी।
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याचिकाकर्ता एसआईओ की ओर से पेश वकील ने पीठ को बताया कि महाराष्ट्र और तेलगंना ने एमसीआई को पहले ही जानकारी दे दी है कि नीट परीक्षा में उर्दू माध्यम से भी परीक्षा देने की इजाजत होगी। मालूम हो कि फिलहाल हिन्दी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी, गुजराती, उड़ीया, बंग्ला, असमी, तेलगू, तमिल और कन्नड माध्यम में नीट परीक्षा देने का प्रावधान है।
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