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कावेरी जल बंटवारे पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा योजना का ड्राफ्ट

Tue, 08 May 2018 07:06 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 08 May 2018 07:06 PM IST
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Supreme Court asked the Central Government to draft the scheme on cauvery water sharing
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कावेरी जल बंटवारा संबंधी अपने फैसले का पालन नहीं किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की है। शीर्ष अदालत ने कहा की यह कोर्ट की ‘घोर अवमानना’ है। अदालत ने इस मामले में केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय के सचिव को 14 मई से पहले पेश होने को कहा है। 

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चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने मंत्रालय के सचिव से अदालत के फैसले को लागू करने संबंधी कावेरी प्रबंधन योजना का मसौदा भी लाने को कहा है। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के बीच कावेरी नदी के पानी के बंटवारे का आदेश दिया था। 
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अदालत ने दशक पुराने कावेरी विवाद में अपना फैसला सुनाते हुए फरवरी में केंद्र से अपने आदेश का अनुपालन करने के लिए योजना तैयार करने को कहा था।

बता दें कि इसी साल जनवरी में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को कावेरी नदी के पानी के बंटवारे के लिए एक मैनेजमेंट बोर्ड का गठन करने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि नदी के पानी पर किसी भी राज्य का मालिकाना हक नहीं है।
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सुप्रीम कोर्ट ने कावेरी जल विवाद ट्रिब्यूनल के फैसले के अनुसार तमिलनाडु को जो पानी मिलना था, उसमें कटौती की और बेंगलुरू की जरूरतों का ध्यान रखते हुए कर्नाटक को मिलने वाले पानी की मात्रा में 14.75 टीएमसी का इजाफा किया था।

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