{"_id":"5f2b99468ebc3e3ca40a0919","slug":"supreme-court-adjourned-the-review-plea-of-fugitive-liquor-baron-vijay-mallya-till-20-august","type":"story","status":"publish","title_hn":"अदालत की अवमानना मामले में माल्या की पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 20 अगस्त को","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
अदालत की अवमानना मामले में माल्या की पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 20 अगस्त को
Thu, 06 Aug 2020 05:18 PM IST
Tanuja Yadav
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: Tanuja Yadav
Updated Thu, 06 Aug 2020 05:18 PM IST
विज्ञापन
विजय माल्या (फाइल फोटो)
सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या की याचिका पर 20 अगस्त को सुनवाई करेगा। माल्या ने चार करोड़ डॉलर अपने बच्चों के खातों में स्थानांतरित करने के लिए अदालत की अवमानना का दोषी ठहराने वाले न्यायालय के 2017 के फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।
न्यायमूर्ति यूयू ललित और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए इस मामले पर सुनवाई की। लेकिन, एक दस्तावेज रिकॉर्ड में उपलब्ध न होने के चलते उन्होंने मामले की सुनवाई स्थगित कर दी। बैंक का 9,000 करोड़ रुपये का कर्ज नहीं चुकाने का आरोपी माल्या अभी ब्रिटेन में रह रहा है।
अदालत ने जून में अपनी रजिस्ट्री को यह बताने का निर्देश दिया था कि माल्या की पुनर्विचार याचिका पिछले तीन साल से संबंधित न्यायालय के समक्ष सूचीबद्ध क्यों नहीं की गई। रजिस्ट्री को उन अधिकारियों के नाम समेत सभी जानकारियां देने का निर्देश दिया गया था जिन्होंने पिछले तीन वर्षों में पुनर्विचार याचिका से संबंधित फाइल संभाली।
विज्ञापन
भगोड़े कारोबारी माल्या ने याचिका दायर कर उच्च्तम न्यायालय के नौ मई 2017 के उस आदेश पर पुनर्विचार करने की मांग की थी जिसमें उसे आदेश का उल्लंघन कर अपने बच्चों के खातों में चार करोड़ डॉलर स्थानांतरित के लिए अदालत की अवमानना का दोषी ठहराया गया था।
न्यायालय ने 2017 का आदेश भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह की याचिका पर दिया था। इसमें कहा गया था कि माल्या ने ब्रिटिश कंपनी डिएगो से मिले चार करोड़ डॉलर अपने बच्चों को कथित तौर पर दिए जो विभिन्न न्यायिक आदेशों का ‘घोर उल्लंघन’ है।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति यूयू ललित और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए इस मामले पर सुनवाई की। लेकिन, एक दस्तावेज रिकॉर्ड में उपलब्ध न होने के चलते उन्होंने मामले की सुनवाई स्थगित कर दी। बैंक का 9,000 करोड़ रुपये का कर्ज नहीं चुकाने का आरोपी माल्या अभी ब्रिटेन में रह रहा है।
विज्ञापन
अदालत ने जून में अपनी रजिस्ट्री को यह बताने का निर्देश दिया था कि माल्या की पुनर्विचार याचिका पिछले तीन साल से संबंधित न्यायालय के समक्ष सूचीबद्ध क्यों नहीं की गई। रजिस्ट्री को उन अधिकारियों के नाम समेत सभी जानकारियां देने का निर्देश दिया गया था जिन्होंने पिछले तीन वर्षों में पुनर्विचार याचिका से संबंधित फाइल संभाली।
विज्ञापन
भगोड़े कारोबारी माल्या ने याचिका दायर कर उच्च्तम न्यायालय के नौ मई 2017 के उस आदेश पर पुनर्विचार करने की मांग की थी जिसमें उसे आदेश का उल्लंघन कर अपने बच्चों के खातों में चार करोड़ डॉलर स्थानांतरित के लिए अदालत की अवमानना का दोषी ठहराया गया था।
न्यायालय ने 2017 का आदेश भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह की याचिका पर दिया था। इसमें कहा गया था कि माल्या ने ब्रिटिश कंपनी डिएगो से मिले चार करोड़ डॉलर अपने बच्चों को कथित तौर पर दिए जो विभिन्न न्यायिक आदेशों का ‘घोर उल्लंघन’ है।