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CRPF: सीआरपीएफ में कंधे पर लगे रिबन का रंग बदलने का सुझाव; क्या लाल-नीला रंग देख गोली नहीं चलाएंगे आतंकी?
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Amar Ujala
विस्तार
देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीआरपीएफ' में एक अनूठा सुझाव आया है। बल के एक एसआई 'मिनिस्ट्रियल' ने अपने सुझाव में कहा है कि एएसआई से निरीक्षक तक यानी 'एसओ' रैंक के कंधे पर जो रिबन लगा रहता है, उसका रंग पुलिस की तर्ज पर लाल-नीला कर दिया जाए। आमतौर पर यह रंग सिविल पुलिस का होता है। एसआई ने इसका फायदा भी बताया है। उसके मुताबिक, अगर रिबन का रंग लाल-नीला यानी फोर्स से अलग होगा तो जम्मू-कश्मीर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हमारे 'एसओ' आसानी से आतंकियों या नक्सलियों का निशाना नहीं बनेंगे।
सीआरपीएफ के ग्रुप सेंटर, पिंजौर में कार्यरत एसआई 'मिनिस्ट्रियल' परविंद्र सिंह ने बल के महानिदेशक को यह सुझाव दिया था। इसके बाद सीआरपीएफ के नॉर्थ वेस्ट सेक्टर 'एनडब्लूएस' के तहत सभी प्रशासनिक व आपरेशनल यूनिटों से इस संबंध में पत्राचार किया गया है। उनके पास एसआई परविंद्र का सुझाव भेजा गया है। वे उस बाबत अपने कमेंट्स दें। परविंद्र ने लिखा है कि सीआरपीएफ में एसओ के कंधे पर सफेद और नीले रंग का रिबन लगा होता है। इस रिबन का रंग बदल दिया जाए।
रिबन के रंग को सिविल पुलिस के कलर के साथ बदला जाए। सामान्य तौर पर पुलिस के रिबन का रंग लाल और नीला होता है। दूसरे कई बलों का रंग भी यही होता है। अगर ऐसा होता है तो सभी सीएपीएफ में एकरूपता आएगी। इससे 'वन नेशन वन सीएपीएफ' की धारणा मजबूत होगी। साथ ही सीआरपीएफ के वे 'एसओ' जो जम्मू कश्मीर में आतंकियों से लड़ रहे हैं या नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं, वे नीले और सफेद रिबन के चलते आसानी से पहचान में आ जाते हैं। ग्रुप सेंटर पिंजौर के द्वारा अपने नियंत्रण वाली सभी यूनिटों को यह सुझाव भेजा गया है।