{"_id":"690da62fffaeb4ea440d1920","slug":"sugarcane-farmers-protest-bjp-leader-asks-karnataka-cm-to-quit-if-he-can-t-govern-2025-11-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sugarcane Farmers Protest: भाजपा का CM सिद्धारमैया पर करारा हमला, कहा- अगर शासन नहीं कर सकते तो इस्तीफा दे दें","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Sugarcane Farmers Protest: भाजपा का CM सिद्धारमैया पर करारा हमला, कहा- अगर शासन नहीं कर सकते तो इस्तीफा दे दें
Fri, 07 Nov 2025 01:26 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: पवन पांडेय
Updated Fri, 07 Nov 2025 01:26 PM IST
सार
Karnataka Politics: कर्नाटक के उत्तरी जिलों में गन्ने के लिए 3500 रुपये प्रति टन के उचित मूल्य की मांग को लेकर किसानों के विरोध प्रदर्शन को लेकर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर निशाना साधते हुए, भाजपा नेता आर अशोक ने शुक्रवार को कहा कि अगर मुख्यमंत्री शासन नहीं कर सकते तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।
विज्ञापन
सीएम सिद्धारमैया पर भाजपा का करारा हमला
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कर्नाटक में गन्ना किसानों की तरफ से किए जा रहे भारी-विरोध प्रदर्शन के बीच विपक्षी दल भाजपा ने सीएम सिद्धारमैया पर निशाना साधा है। भाजपा नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर अशोक ने मामले में सीएम सिद्धारमैया से कहा कि अगर वे शासन नहीं कर सकते तो पद से इस्तीफा दे दें। आर आशोक ने केंद्र पर आरोप लगाने के लिए मुख्यमंत्री की आलोचना की और उनसे किसानों की चिंताओं का समाधान करने को कहा।
यह भी पढ़ें - Vande Mataram: 'वंदे मातरम से नेहरू ने जानबूझकर मां दुर्गा के श्लोक हटाए'; फैजपुर अधिवेशन का जिक्र कर बोली BJP
पहले बड़े-बड़े उपदेश देते थे सिद्धारमैया- भाजपा
अशोक ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'सात दिन, हजारों गन्ना किसान सड़कों पर हैं, लेकिन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के पास बस एक ही उपाय है, केंद्र को दोष दो।' यह बताते हुए कि विपक्ष में रहते हुए सिद्धारमैया बड़े-बड़े उपदेश देते थे, उन्होंने कहा, 'लेकिन अब (मुख्यमंत्री के रूप में), वह बहानों के पीछे छिप जाते हैं और किसानों को छोड़ देते हैं। अगर आप (सिद्धारमैया) शासन नहीं कर सकते, तो इस्तीफा दे दीजिए और पद छोड़ दीजिए।'
विज्ञापन
केंद्रीय नीतिगत उपायों में समस्या की जड़- सिद्धारमैया
सीएम सिद्धारमैया ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे एक पत्र में कहा था कि समस्या की जड़ केंद्रीय नीतिगत उपायों में है: उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) का फॉर्मूला, चीनी के लिए स्थिर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), निर्यात प्रतिबंध और चीनी आधारित फीडस्टॉक से इथेनॉल का कम उपयोग। उन्होंने चल रहे आंदोलन से उत्पन्न गंभीर स्थिति पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री से तत्काल मिलने का समय मांगा है।
यह भी पढ़ें - Vande Mataram: 'वंदे मातरम की ध्वज वाहक है कांग्रेस', खरगे ने राष्ट्रीय गीत को लेकर संघ और भाजपा पर लगाए आरोप
अशोक ने अपने पत्र में आगे कहा, 'हम मांग करते हैं: एफआरपी से 500 रुपये प्रति टन अधिक प्रोत्साहन राशि, 5,000 करोड़ रुपये का रिवॉल्विंग फंड, और तत्काल हस्तक्षेप - प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं।'
किसानों ने बंगलूरू-पुणे NH को जाम करने कोशिश की
कर्नाटक में गन्ने की कीमत तय करने के मुद्दे पर किसानों ने बेलगावी जिले के हट्टारागी टोल प्लाजा पर (बंगलूरू-पुणे राष्ट्रीय राजमार्ग) को अवरुद्ध करने का प्रयास किया।
एक हफ्ते से ज्यादा समय से जारी है किसान प्रदर्शन
बेलगावी जिले के मुदलागी तालुक के गुरलापुर क्रॉस पर किसान एक हफ्ते से ज्यादा समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। यह विरोध प्रदर्शन उत्तरी कर्नाटक के कई जिलों जैसे बेलगावी, बागलकोट, विजयपुरा, हावेरी अन्य में भी फैल गया है। विरोध प्रदर्शन तेज होने के मद्देनजर सिद्धारमैया ने किसान नेताओं और चीनी मिलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक बुलाई है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - Vande Mataram: 'वंदे मातरम से नेहरू ने जानबूझकर मां दुर्गा के श्लोक हटाए'; फैजपुर अधिवेशन का जिक्र कर बोली BJP
विज्ञापन
पहले बड़े-बड़े उपदेश देते थे सिद्धारमैया- भाजपा
अशोक ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'सात दिन, हजारों गन्ना किसान सड़कों पर हैं, लेकिन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के पास बस एक ही उपाय है, केंद्र को दोष दो।' यह बताते हुए कि विपक्ष में रहते हुए सिद्धारमैया बड़े-बड़े उपदेश देते थे, उन्होंने कहा, 'लेकिन अब (मुख्यमंत्री के रूप में), वह बहानों के पीछे छिप जाते हैं और किसानों को छोड़ देते हैं। अगर आप (सिद्धारमैया) शासन नहीं कर सकते, तो इस्तीफा दे दीजिए और पद छोड़ दीजिए।'
विज्ञापन
केंद्रीय नीतिगत उपायों में समस्या की जड़- सिद्धारमैया
सीएम सिद्धारमैया ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे एक पत्र में कहा था कि समस्या की जड़ केंद्रीय नीतिगत उपायों में है: उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) का फॉर्मूला, चीनी के लिए स्थिर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), निर्यात प्रतिबंध और चीनी आधारित फीडस्टॉक से इथेनॉल का कम उपयोग। उन्होंने चल रहे आंदोलन से उत्पन्न गंभीर स्थिति पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री से तत्काल मिलने का समय मांगा है।
यह भी पढ़ें - Vande Mataram: 'वंदे मातरम की ध्वज वाहक है कांग्रेस', खरगे ने राष्ट्रीय गीत को लेकर संघ और भाजपा पर लगाए आरोप
अशोक ने अपने पत्र में आगे कहा, 'हम मांग करते हैं: एफआरपी से 500 रुपये प्रति टन अधिक प्रोत्साहन राशि, 5,000 करोड़ रुपये का रिवॉल्विंग फंड, और तत्काल हस्तक्षेप - प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं।'
किसानों ने बंगलूरू-पुणे NH को जाम करने कोशिश की
कर्नाटक में गन्ने की कीमत तय करने के मुद्दे पर किसानों ने बेलगावी जिले के हट्टारागी टोल प्लाजा पर (बंगलूरू-पुणे राष्ट्रीय राजमार्ग) को अवरुद्ध करने का प्रयास किया।
#WATCH | Karnataka: Farmers attempted to block (Bengaluru-Pune national Highway) at Hattaragi toll plaza in Belagavi district over the issue of fixing sugarcane price. pic.twitter.com/YBqUG3xHvJ
— ANI (@ANI) November 7, 2025
एक हफ्ते से ज्यादा समय से जारी है किसान प्रदर्शन
बेलगावी जिले के मुदलागी तालुक के गुरलापुर क्रॉस पर किसान एक हफ्ते से ज्यादा समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। यह विरोध प्रदर्शन उत्तरी कर्नाटक के कई जिलों जैसे बेलगावी, बागलकोट, विजयपुरा, हावेरी अन्य में भी फैल गया है। विरोध प्रदर्शन तेज होने के मद्देनजर सिद्धारमैया ने किसान नेताओं और चीनी मिलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक बुलाई है।