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कोरोना वायरस: ओमिक्रॉन संक्रमण को रोकने में कारगर रहा नाइट और वीकेंड कर्फ्यू, लाभदायक साबित हुआ गणितीय फॉर्मूला

Mon, 31 Jan 2022 06:07 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 31 Jan 2022 06:07 PM IST
सार

शोधकर्ताओं ने शोध में कहा कि उन्होंने गूगल द्वारा प्रकाशित कम्युनिटी मोबिलिटी रिपोर्ट का उपयोग किया और फिर उन्होंने सिमुलेशन अध्ययन के माध्यम से इस तरह के प्रतिबंध के प्रभाव की मात्रा निर्धारित की। अध्ययन से पता चला कि मोबिलिटी प्रतिबंध लगाने के कारण कोरोना के मामलों में कमी आई और पीक आने के बाद केस घटने लगे...

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study revealed, Night and weekend curfew was effective in preventing Omicron infection
कोरोना जांच - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)

विस्तार

देश की राजधानी दिल्ली समेत कई राज्यों में कोरोना संक्रमण को देखते हुए एहतियात के तौर पर नाइट और वीकेंड कर्फ्यू लगाया था। हालांकि यह पहला मौका नहीं है जब कोविड के दौरान इस तरह के कर्फ्यू लगाया गया हो। हाल ही में एक स्टडी में यह सामने आया है कि देश में इन कर्फ्यू की वजह से संक्रमण में कमी देखी गई है।

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हाल ही में बेंगलुरु में भारतीय सांख्यिकी संस्थान, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस और यूनिवर्सिटी ऑफ वर्जीनिया बायोकॉम्पेल्क सीटी इंस्टीट्यूट ने संयुक्त रूप से गई एक स्टडी की है। इसमें सामने आया है कि देश में लगे नाइट कर्फ्यू और वीकेंड कर्फ्यू के कारण ओमिक्रॉन वैरिएंट के संक्रमण कमी आई है।
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शोधकर्ताओं ने शोध में कहा कि उन्होंने गूगल द्वारा प्रकाशित कम्युनिटी मोबिलिटी रिपोर्ट का उपयोग किया और फिर उन्होंने सिमुलेशन अध्ययन के माध्यम से इस तरह के प्रतिबंध के प्रभाव की मात्रा निर्धारित की। इस अध्ययन में कहा गया है कि प्रतिबंधों ने प्रसार को धीमा कर दिया है। गणितीय मॉडल का उपयोग करते हुए, अध्ययन से पता चला कि मोबिलिटी प्रतिबंध लगाने के कारण कोरोना के मामलों में कमी आई और पीक आने के बाद केस घटने लगे। इसके अलावा अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या भी कम होने लगी। इस मॉडल के मुताबिक, एक बार जब पीक चरम पर पहुंच जाता है तो प्रतिबंधों की उपयोगिता सीमित हो जाती है।

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वीकेंड पर नाइट लाइफ पर पूरी तरीके से लग जाती है रोक

विशेषज्ञों का कहना है कि देश के सभी बड़े शहरों से लेकर के प्रदेश की राजधानी और छोटे जिलों तक में सप्ताहांत में नाइट लाइफ का क्रेज रहता है। बड़े होटलों, पब और बार आदि जगहों पर देर रात तक लोग नाइट लाइफ का लुत्फ उठाते हैं। जिन जगहों पर नाइट कर्फ्यू लगाया जाता है, वहां पर यह सारे कार्यक्रम और आयोजन रद्द हो जाते हैं। इसका मतलब इन जगहों पर लोगों को आने से नाइट कर्फ्यू रोकता है और उन्हें कोरोना वायरस जैसी गंभीर बीमारी के संक्रमण से बचाता है। इस लिहाज से नाइट लाइफ में नाइट कर्फ्यू बेहद कारगर है।

रात में बस अड्डों से लेकर रेलवे स्टेशन के बाहर भीड़ न हो

विशेषज्ञों का कहना है कि देश की हर राज्य की राजधानी और उनके जिलों से लेकर शहर तहसील और कस्बों में ही बहुत सारे ऐसे ठिकाने होते हैं जहां पर पूरी रात गुलजार होती है। ऐसे ठिकानों पर पूरे देश में करोड़ों लोग अलग-अलग जगहों पर एकत्र होते हैं और कोरोना जैसी गंभीर बीमारी के दौरान ये संक्रमण का शिकार भी हो सकते हैं और लोगों को संक्रमित भी कर सकते हैं। इन जगहों में बस अड्डों से लेकर रेलवे स्टेशन और नाइट फूड स्ट्रीट समेत तमाम सार्वजनिक जगहों पर भी रातों को भीड़ इकट्ठा होती है। नाइट कर्फ्यू के दौरान संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करता है कि इन जगहों पर कोई भी आदमी ना पहुंचे और न ही इकट्ठा हो।

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